दिल्ली हाई कोर्ट में संजय कपूर की संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया है कि उन्हें पिता की संपत्ति से ‘जाली वसीयत’ के जरिए बेदखल कर दिया गया, जबकि वे अपने हिस्से के हकदार हैं।
मामला क्या है
याचिका में कहा गया है कि 21 मार्च 2025 की कथित वसीयत में संजय कपूर की संपत्ति पूरी तरह प्रिया सचदेव कपूर के नाम कर दी गई है। बच्चों का आरोप है कि यह दस्तावेज संदिग्ध है और इसे दबाकर रखा गया था।
अदालत की कार्यवाही
हाई कोर्ट ने प्रिया सचदेव और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने, संपत्तियों की सूची देने और मूल वसीयत सीलबंद लिफाफे में जमा करने के आदेश दिए हैं। अब अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
दोनों पक्षों के तर्क
बच्चों का पक्ष: वसीयत फर्जी है और उन्हें संपत्ति से अनुचित तरीके से बेदखल किया गया।
प्रिया का पक्ष: वसीयत का रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं और बच्चों को पहले ही पारिवारिक ट्रस्ट से करीब 1900 करोड़ रुपये की संपत्ति मिल चुकी है।
पृष्ठभूमि
करीब ₹30,000 करोड़ की एस्टेट पर यह विवाद है। संजय कपूर का निधन जून 2025 में हुआ था, जिसके बाद उत्तराधिकार और कंपनी गवर्नेंस पर खींचतान सामने आई।
आगे क्या
अब अदालत यह तय करेगी कि वसीयत वैध है या नहीं और बच्चों की वैधानिक हिस्सेदारी पर क्या फैसला होगा। अंतरिम राहत पर आदेश 9 अक्टूबर की सुनवाई में आ सकता है।