आर्टेमिस II मिशन: रचा इतिहास–चंद्रमा का चक्कर लगाकर लोटे 4 एस्ट्रोनॉट 

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आर्टेमिस II मिशन: रचा इतिहास–चंद्रमा का चक्कर लगाकर लोटे 4 एस्ट्रोनॉट 

वाशिंगटन: भारतीय समय अनुसार आज सुबह 5:37 मिनट पर आर्टेमिस II का ओरियन कैप्सूल अमेरिका के सैन डिएगो के तट के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लेशडाउन’ (जब स्पेस से कोई विमान पैराशूट की मदद से नीचे आता है) हुआ। इस मिशन को पूरा करते हुए इन 4 एस्ट्रोनॉट ने 11.17 लाख किमी का सफर पूरा किया है। नासा के ये चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा  के चक्कर लगा कर धरती पर वापस लौट कर आ गए हैं। यह मिशन बीती 2 अप्रैल को ही लॉन्च हुआ था। 

1972 के बाद ये अब संभव हो पाया जब दोबारा कोई चंद्रमा के इतने करीब पहुंचा हो। यह एक ऐसा मानवीय परीक्षण के रूप में उभरकर आ रहा है जिसमें कई चीजें पहली बार हुई हैं। जैसे इतनी लंबी दूरी के सफर इंसानों ने पहेली बार तय किया, पहेली बार इंसान स्पेस में इतने दिनों तक टिक पाया, चंद्रमा के उस हिस्से को भी इंसान ने देखा और फोटोग्राफ्स कैप्चर (खींचना) कर लाया।

इस मिशन का एक महत्वपूर्ण मकसद यह जानना था की इंसान स्पेस के अंदर कीड़े सपोर्ट सिस्टम में कितना टिक सकता है। इस मिशन की सफलता से यह भी सामने आया है कि यह इंसानों के रहने के लिए कितना सुरक्षित है। फिलहाल इस मिशन में तो ये चारों एस्ट्रोनॉट चंद्रमा के सतह पर नहीं उतरे, लेकिन आगे आने वाले भविष्य में इंसान जरूर चंद्रमा पर अपना एक बेस (अड्डा) बनाकर वही से आगे के स्पेस मिशन लॉन्च किया करेगा।

वापस आने के रफ्तार तकरीबन 42 हजार किमी प्रति घंटा

जब कोई भी स्पेसक्राफ्ट धरती के कक्षा में प्रवेश करता है तब धरती के गुरुत्वाकर्षण की वजह से उस स्पेसक्राफ्ट के रफ्तार बढ़ती चली जाती है। इसे ही धरती के वायुमंडल में प्रवेश करते हुए ओरियन स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 40 से 42 हजार किमी प्रति घंटा थी। अगर हम इसकी तुलना अन्य यानों से करें जो (ISS) यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से लौट कर आते है उनकी तुलना में काफी ज्यादा रही। लौटते समय स्पेसक्राफ्ट मैं तेज रफ्तार की वजह से अधिक गर्मी पैदा हो जाती है इसलिए इसका बुनियादी ढांचा इस बात को ध्यान में रखकर इतना मजबूत बनाते है कि की अंदर बैठे अंतरिक्ष यात्री और बाहरी परत को कोई नुकसान ना पहुंचे। इस मिशन के तहत 4 अंतरिक्ष यात्री– क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, जेरमी हैनसेन और रीड वाइजमैन इस मिशन को स्पेसक्राफ्ट से ऑपरेट करते रहे।

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