मुंबई Investors Meet में ग्वालियर के Telecom Manufacturing Zone को ₹2,000 करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव, कुल आंकड़ा ₹5,500 करोड़ पहुंचा

Picture of By: Sandhya Samachar Team

By: Sandhya Samachar Team

Share

सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की इन्वेस्टर्स मीट की सह-अध्यक्षता; 18 कंपनियों ने दिखाई निवेश में रुचि, नए प्रस्तावों से करीब 4 हजार रोजगार की संभावना

मुंबई/ग्वालियर, 4 अगस्त 2026। ग्वालियर में विकसित किए जा रहे देश के पहले Telecom Manufacturing Zone (TMZ) को लेकर निवेश अभियान ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। मुंबई में आयोजित Investors Meet में 18 कंपनियों से करीब ₹2,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही ग्वालियर TMZ के लिए अब तक मिले निवेश प्रस्तावों का कुल आंकड़ा ₹5,500 करोड़ तक पहुंच गया है।

मुंबई में आयोजित निवेशक सम्मेलन की सह-अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। सम्मेलन में टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों, निवेशकों और केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

18 कंपनियों से ₹2,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुंबई Investors Meet में उद्योग जगत की ओर से ग्वालियर Telecom Manufacturing Zone को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, सम्मेलन में 18 कंपनियों ने लगभग ₹2,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं।

इन प्रस्तावित निवेशों से करीब 4,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।

इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित प्रथम Investors Roundtable में करीब ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आए थे। मुंबई में मिले नए प्रस्तावों को जोड़ने के बाद परियोजना के लिए अब तक प्रस्तावित निवेश ₹5,500 करोड़ हो गया है।

₹10 हजार करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य

ग्वालियर Telecom Manufacturing Zone के लिए सरकार ने ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली और मुंबई में हुई निवेशक बैठकों के बाद परियोजना इस लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

30 जुलाई 2026 को ग्वालियर में देश के पहले Telecom Manufacturing Zone की स्थापना की दिशा में औपचारिक शुरुआत के बाद मुंबई Investors Meet को निवेश अभियान का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

सम्मेलन में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी कंपनियां, कंपोनेंट निर्माता, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता और निवेशक शामिल हुए।

ग्वालियर में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का पूरा इकोसिस्टम

ग्वालियर TMZ को केवल एक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तक सीमित रखने के बजाय विश्वस्तरीय Telecom Manufacturing Ecosystem के रूप में विकसित करने की योजना है।

यहां रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), डिजाइन, टेस्टिंग, इनोवेशन, कंपोनेंट निर्माण और अत्याधुनिक टेलीकॉम उपकरणों के उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा।

इससे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग की घरेलू वैल्यू चेन मजबूत करने और देश में स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

18 हजार से अधिक रोजगार की संभावना

परियोजना का सबसे बड़ा प्रभाव रोजगार के क्षेत्र में भी देखने को मिल सकता है। नई दिल्ली में आयोजित पहले निवेशक राउंडटेबल में मिले प्रस्तावों से 14 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई थी।

अब मुंबई में मिले ₹2,000 करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों से करीब 4 हजार अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इस तरह दोनों चरणों के प्रस्तावों को मिलाकर रोजगार की संभावित संख्या 18 हजार से अधिक हो गई है।

इसका सीधा लाभ विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं को मिलने की उम्मीद है। टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, डिजाइन और टेक्नोलॉजी से जुड़े युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नए करियर अवसर विकसित हो सकते हैं।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी मजबूती

ग्वालियर में बनने वाले Telecom Manufacturing Zone को केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत विजन से भी जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य टेलीकॉम उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारत से टेलीकॉम उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करना है।

परियोजना के जरिए भारत को अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों और उपकरणों के निर्माण के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार मिलकर बनाएंगे SPV

Telecom Manufacturing Zone के क्रियान्वयन और दीर्घकालीन संचालन के लिए एक Special Purpose Vehicle (SPV) गठित किया जाएगा।

इसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। SPV निवेशकों के साथ समन्वय, परियोजना के क्रियान्वयन और भविष्य के संचालन के लिए संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध कराएगा।

मुंबई Investors Meet में दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल, मध्य प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और निवेशक मौजूद रहे।

ग्वालियर TMZ के लिए लगातार बढ़ रहे निवेश प्रस्तावों को देखते हुए अब अगला बड़ा लक्ष्य ₹10 हजार करोड़ से अधिक के निवेश तक पहुंचना है। यदि प्रस्तावित निवेश धरातल पर उतरते हैं तो ग्वालियर आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी केंद्रों में शामिल हो सकता है।

Related Post