मेरठ शहर से एक विचित्र करने वाला मामला सामने आया जिसमें एक पिता का मोह उस पर इतना भारी पड़ गया कि बेटी की मौत के बाद भी वह उसकी लाश के साथ 4 महीनों तक समय बिताता रहा। यक़ीनन लाश से बदबू तो आ ही रही होगी, उसके बावजूद पिता उससे अलग नहीं होना चाहता था। वहां उसके मृत शरीर पर परफ्यूम स्प्रे कर-कर के समय काटता रहा।
इस विचित्र घटना का खुलासा तब हुआ जब उसके घर कुछ रिश्तेदार उससे मिलने पहुंचे, बदबू आने पर रिश्तेदारों ने ही पुलिस को सूचित कर उन्हें मौके पर बुलाया। पुलिस ने घर पहुंच कर कमरे से लाश बरामद की, लड़की की लाश की हालत इतनी बत्तर हो चुकी थी कि रिश्तेदार से लेकर पड़ोसी और पुलिस कर्मी उससे देख ही नहीं पा रहे थे।
बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास जिनकी उम्र 76 है यह काशी के शिक्षा विभाग में कार्यरत थे, इनका रिटायरमेंट 2010 में हो गया। मेरठ के सदर स्थित तेली मोहल्ले में खुद का महज 2 कमरों का मकान है। इनकी बेटी प्रियंका बिस्वास जिनकी उम्र 35 थी वो पेशे से एक शिक्षक थी, उनकी मां और उदय भानु की पत्नी का इंतकाल 13 साल पहले हो गया था।
उदय भानु कभी भी अपनी बेटी से ना किसी को मिलने देते थे और ना ही खुद किसी से मिलते थे। 1 दिसंबर 2025 को प्रियंका के बीमारी के चलते मौत हो गई। अगले 5 दिनों तक तो उदय भानु शव के साथ ही बना रहा उसके बाद वह देहरादून चला गया और मृत शरीर की गंध छुपाने के लिए घर पर कूड़ा भर के चला गया।
जब रिश्तेदारों ने उदय भानु को कॉल किया तो उसने बताया कि वह तो देहरादून आया हुआ है। इसके कुछ दिन बाद वहाँ वापस तो आ जाता है, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगती। रिश्तेदारों ने उदय भानु को पकड़ कर उससे सकती से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि यह लाश किसी और की नहीं बल्कि उसकी खुद की बेटी प्रियंका की है। प्रियंका एक निजी शिक्षक थी जो कंप्यूटर साइंस विषय पढ़ाती थी, जबकि उदय भानु सबको यही बताया करता था के वह देहरादून में काम करता है। अब उदय भानु को पुलिस ने गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। अब यह जानना बाकी है कि प्रियंका के बीमार होने के बावजूद उदय भानु ने अपनी बेटी का इलाज क्यों नहीं करवाया।