ग्वालियर में नकली करंसी के धंधे में 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर दूध कारोबारी से ठगी हो गई। ठग उससे 40 हजार रुपए के असली नोट लेकर नकली नोट थमा गया। तीन दिन तक दूध कारोबारी नकली नोटों की पोटली लेकर घूमता रहा। जब उसे नकली नोटों का पता चला तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज की।
दअरसल दतिया जिले के बिलहरी खुर्द में रहने वाले सोनू पाल दूध कारोबारी है। उनके पास तीन दिन पहले व्हाटसएप पर कॉल आया था। फोन करने वाले नाम आजाद अली बताया और कहा वह नकली करंसी का कारोबार करता है। 10 रुपए के नकली नोट के बदले 100 रुपए का नोट देगा। उसे बाजार में चलाकर देख लेना किसी को नोट पर शक नहीं होगा।
वह आजाद की बात सुनकर लालच में आ गया तो नकली करंसी का सौदा करने ग्वालियर आया। आजाद ने उसे 100, 200 और 500 रुपए के नोट दिखाए उसके सामने इन नोटों से बाजार में खरीदारी भी करके दिखाई इसलिए उसे भी भरोसा हो गया। आजाद ने 3 लाख रुपए के बदले 30 लाख रुपया देने की डील रखी। हरगोविंद का कहना है वह 40 हजार रुपया लेकर नकली नोट खरीदने आया था तो रकम आजाद को थमा कर 2 लाख 60 हजार रुपए के नकली नोट लिए बाकी रकम का लेन देन बाद में तय हुआ, लेकिन आजाद ने उसके साथ धोखा कर दिया। उसे बच्चों के खेलने वाले नकली नोटों की गडडी थमाई चकमा देने के लिए उस पर ऊपर और सबसे आखिरी नोट असली करंसी का लगाया। जब गडडी खोली तो उसमें नकली नोट निकले।
सोनू पाल ने आजाद की शिकायत थाने में दर्ज की है। फिर जालासाज आजाद ने बाकी रकम की डील के लिए हरगोविंद को टाइगर चौक पर बुलाया तो उसे पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। यह आरोपी मुरार हाथीखाना का रहने वाला निकला। उसके पास से 100, 200 और 500 के नकली नोट बरामद हुए। जिसे पुलिस ने जप्त कर लिए है। वही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर इस मामले की पूछताछ शुरू कर दी है।