भारत में पहली बार ‘डिजिटल जनगणना 2027’ की शुरूआत हो चुकी है। यह जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो गई है यह “जनगणना 2027” की देश की लगभग 16वीं जनगणना है इस जनगणना को सरकार ने पूरी तरह डिजिटल कर दिया है अब नागरिक सेल्फ-एन्यूमरेशन के जरिए मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। अब कागजी फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
”डिजिटल जनगणना 2027′ में लगभग 30-33 सवाल होंगे, जो घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़े होंगे। यह फॉर्म सरकारी योजनाओं के लिए बेहद अहम हैं। फॉर्म सबमिट करने पर SE यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन ID मिलेंगे , जिसे जनगणना अधिकारी के सत्यापन के समय दिखाना अनिवार्य होगा।
कैसे भरे फार्म ?
सरकार ने “जनगणना 2027” का ऑफिशल वेब पोर्टल 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च कर दिया है ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और यह फॉर्म लगभग 16 भाषाओं में उपलब्ध है जिसको जिस भाषा में उचित लगे उस भाषा में फॉर्म भर सकते है।
जनगणना 2027 की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर सेल्फ इमीग्रेशन क्षेत्र में अपनी सारी जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करना होगा, उसके बाद लगभग 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। यह पूरी प्रक्रिया करके फॉर्म सबमिट करें उसके बाद आपको SE यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन ID मिलेगी, जो आपको जनगणना अधिकारी के सत्यापन के समय दिखाना अनिवार्य होगा।
“जनगणना 2027” आवेदन भरना क्यों जरूरी है ? जाने यहां
“जनगणना 2027” का आवेदन लोगों के लिए और सरकार के हित के लिए भरा जाता है इसमें देश की आबादी, शिक्षा, रोजगार और जाति जैसी नागरिकों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र करके डिजिटल फॉर्म में ली जाती हैं।यह जानकारी सरकारी योजनाओं के लिए लोगों के हित के लिए ली जाती है। जो इस बार पूरी तरह यह फॉर्म ऑनलाइन कर दिया है।