कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल कार्यालय ने पश्चिम बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में कड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के विधायक और राज्य सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा सुधार सेवाएं विभाग के मंत्री चंदनाथ सिन्हा की अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से अटैच कर लिया है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम(पीएमएलए) 2002 के तहत की है। जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत 3.65 करोड़ रुपए बताई गई है। ईडी ने यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।सीबीआई ने यह एफआईआर कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज की थी।
मंत्री पर आरोप है कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में नियमों की अनदेखी करते हुए अयोग्य, सूची से बाहर और कम रैंक वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई, जबकि योग्य और वास्तविक अभ्यर्थियों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया गया। यह पूरा मामला आपराधिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया। इससे पहले 6 अगस्त 2025 को चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ मनी लाॅन्ड्रिंग के आरोप में छठी अनुपूरक अभियोजन शिकायत विशेष पीएमएलए अदालत कोलकाता में दाखिल की जा चुकी है। जांच के दौरान 22 मार्च 2024 कोई चंद्रनाथ सिन्हा के आवास पर छापा मारा गया था, जिसमें 41 लाख रुपए नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थै। इसके अलावा जांच में उनके नियंत्रण वाले बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा होने के भी सबूत मिले।