ब्राज़ील के बेलेम शहर में आयोजित संयुक्त राष्ट्र की COP30 क्लाइमेट समिट में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब समिट के सबसे महत्वपूर्ण ज़ोन ब्लू ज़ोन में अचानक आग लग गई। घटना के कुछ ही मिनटों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सुरक्षा एजेंसियों को सैकड़ों डेलिगेट्स, मीडिया प्रतिनिधियों और आयोजकों को तत्काल वेन्यू से बाहर निकालना पड़ा।
आग लगते ही डेलिगेट्स का अफरा-तफरी में बाहर भागना
स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे आग लगने की सूचना मिली। यह वही समय था जब कई देशों के प्रतिनिधि अपने सत्रों की तैयारी में व्यस्त थे। आग की सूचना मिलते ही पलों में अलार्म बजने लगे, और हॉल के भीतर मौजूद लोग अपना-अपना सामान उठाकर तेजी से एग्जिट गेट्स की ओर भागने लगे।
मौके की तस्वीरों में साफ दिखा कि वेन्यू के अंदर से घने धुएं के गुबार और आग की तेज लपटें उठ रही थीं। कई डेलिगेट्स को अपनी फाइलें, लैपटॉप और निजी सामान वहीं छोड़कर बाहर निकलना पड़ा।
ब्लू ज़ोन में क्यों मची इतनी हड़बड़ी?
COP समिट का ब्लू ज़ोन उस क्षेत्र को कहा जाता है कि सभी उच्च स्तरीय बैठकें होती हैं, देशों के आधिकारिक पवेलियन सेटअप होते हैं, ग्लोबल वार्ताएं और समझौते होते हैं, मीडिया सेंटर और प्लेनरी हॉल स्थित होता है और यहाँ केवल अधिकृत डेलिगेट्स ही प्रवेश कर सकते हैं।
कहां से शुरू हुई आग?
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार आग उस हिस्से में लगी जो देशों और संगठनों के पब्लिक फेसिंग पवेलियन के लिए निर्धारित था। यह वही क्षेत्र है जहाँ पर्यावरण प्रदर्शन, टेक्नोलॉजी शोकेस, इंटरएक्टिव मॉडल्स, देश-वार जलवायु प्रयासों के स्टॉल लगाए जाते हैं। इसी क्षेत्र से पहली बार धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद तुरंत अलर्ट जारी किया गया।
सरकार और प्रशासन का बयान, हालात काबू में
ब्राज़ील के पर्यटन मंत्री ने पुष्टि की कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनज़र वेन्यू के कई हिस्सों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आगामी सत्र और बैठकें सुरक्षित माहौल में ही आयोजित हों।
आग का कारण क्या था?
अभी तक आग लगने के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में दो प्रमुख आशंकाएँ सामने आ रही हैं इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट, टेक्निकल इक्विपमेंट का ओवरलोड होना। हालांकि फायर सुरक्षा विभाग ने कहा है कि वेन्यू के सभी इलेक्ट्रिकल नेटवर्क और उपकरणों की गहन जांच की जा रही है।