उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2025 इस बार कई नए रिकॉर्ड तोड़ गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — इन चारों धामों में देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 54 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए।
यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट अब शीतकाल के लिए बंद हो चुके हैं, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद किए जाएंगे। सर्दियों के दौरान इन ऊँचाई वाले धामों में भारी बर्फबारी होती है, जिसके कारण हर साल छह महीने के लिए कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
धामवार दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या
चारधामों में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या कुछ इस प्रकार रही —
- केदारनाथ धाम: 19,62,953 श्रद्धालु
- बदरीनाथ धाम: 15,90,550 श्रद्धालु
- गंगोत्री धाम: 7,70,391 श्रद्धालु
- यमुनोत्री धाम: 7,19,418 श्रद्धालु
इन सभी को जोड़कर कुल संख्या 54 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों तक पहुँच गई है, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या मानी जा रही है।
पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
चारधाम यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
- 2023 में केदारनाथ में 19,61,025 श्रद्धालु पहुंचे थे।
- 2024 में यह संख्या करीब 16 लाख रही।
- 2025 में फिर से उछाल देखने को मिला और यह आंकड़ा 19,62,953 तक पहुंच गया।
यह दर्शाता है कि केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है।
चारधाम के लिए सबसे ज्यादा श्रद्धालु किन राज्यों से पहुंचे
हर साल की तरह इस बार भी देशभर से लाखों भक्तों ने चारधाम यात्रा की, लेकिन टॉप-5 राज्यों से सबसे ज्यादा श्रद्धालु आए —
1. महाराष्ट्र
2. उत्तर प्रदेश
3. मध्य प्रदेश
4. गुजरात
5. राजस्थान
2025 में चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण में भी नए रिकॉर्ड
उत्तराखंड सरकार के ई-पंजीकरण पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार —
उत्तर प्रदेश
- कुल पंजीकरण: 9,21,934
- यमुनोत्री: 1,22,897
- गंगोत्री: 1,42,304
- केदारनाथ: 3,50,263
- बद्रीनाथ: 3,06,470
महाराष्ट्र
- कुल पंजीकरण: 8,13,082
- यमुनोत्री: 1,46,510
- गंगोत्री: 1,53,885
- केदारनाथ: 2,66,579
- बद्रीनाथ: 2,46,108
मध्य प्रदेश
- कुल पंजीकरण: 6,69,531
- यमुनोत्री: 1,37,525
- गंगोत्री: 1,43,607
- केदारनाथ: 1,60,047
- बद्रीनाथ: 1,92,352
गुजरात
- कुल पंजीकरण: 5,34,950
- यमुनोत्री: 1,00,685
- गंगोत्री: 1,05,181
- केदारनाथ: 1,67,074
- बद्रीनाथ: 1,62,010
राजस्थान
- कुल पंजीकरण: 4,52,407
- यमुनोत्री: 79,592
- गंगोत्री: 84,993
- केदारनाथ: 1,49,358
- बद्रीनाथ: 1,38,468
महाराष्ट्र
- कुल श्रद्धालु: 5,54,072
- यमुनोत्री: 1,14,022
- गंगोत्री: 1,03,096
- केदारनाथ: 1,94,007
- बद्रीनाथ: 1,42,947
उत्तर प्रदेश
- कुल श्रद्धालु: 5,30,165
- यमुनोत्री: 78,348
- गंगोत्री: 81,205
- केदारनाथ: 2,32,554
- बद्रीनाथ: 1,38,058
मध्य प्रदेश
- कुल श्रद्धालु: 5,01,046
- यमुनोत्री: 1,13,719
- गंगोत्री: 1,15,266
- केदारनाथ: 1,57,662
- बद्रीनाथ: 1,14,399
गुजरात
- कुल श्रद्धालु: 3,81,351
- यमुनोत्री: 84,690
- गंगोत्री: 74,116
- केदारनाथ: 1,21,323
- बद्रीनाथ: 1,01,222
राजस्थान
- कुल श्रद्धालु: 2,93,757
- यमुनोत्री: 58,255
- गंगोत्री: 57,169
- केदारनाथ: 1,05,008
- बद्रीनाथ: 73,325
बदरीनाथ धाम बना श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण
इस साल चारों धामों में सबसे ज्यादा श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं। यहां 25 नवंबर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। कपाट बंद होने से पहले तक आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक, इस बार न केवल देश के विभिन्न हिस्सों से बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे, जिससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिला है।
चारधाम यात्रा का महत्व
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ , हिंदू धर्म में मोक्ष यात्रा के रूप में माने जाते हैं। हर साल मई से नवंबर तक यह यात्रा चलती है और फिर सर्दियों के दौरान कपाट बंद हो जाते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इन चारों धामों की यात्रा करने से जीवन के सारे पापों का नाश होता है और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है।