अयोध्या से समस्त श्रीरामभक्तों के लिए बड़ी और पावन खबर आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी प्रमुख कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं। ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि मंदिर के मुख्य ढांचे से लेकर परकोटे के मंदिरों तक, सभी का निर्माण पूर्णता को प्राप्त हो चुका है।
ट्रस्ट ने बताया कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटे के छह मंदिर — भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा और शेषावतार — का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सभी मंदिरों पर ध्वजदंड और कलश स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे पूरे परिसर की भव्यता और आध्यात्मिक आभा और अधिक बढ़ गई है।
इसके अलावा, सप्त मण्डप — महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, शबरी और ऋषि पत्नी अहल्या के मंदिर — भी अब तैयार हो चुके हैं। इनके साथ ही संत तुलसीदास मंदिर, जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं भी स्थापित की जा चुकी हैं, जो रामायणकालीन भावनाओं को सजीव रूप में प्रदर्शित करती हैं।
ट्रस्ट के अनुसार, दर्शनार्थियों की सुविधा और मंदिर परिसर की व्यवस्था से जुड़े सभी कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। इसमें मानचित्रानुसार सड़कों और फर्श पर पत्थर लगाने का कार्य एलएंडटी कंपनी द्वारा पूर्ण किया गया है। वहीं परिसर की हरियाली, भूमि सौंदर्यीकरण और 10 एकड़ क्षेत्र में पंचवटी निर्माण कार्य जीएमआर (GMR) समूह द्वारा तीव्र गति से पूरा किया गया है।
फिलहाल केवल वे कार्य जारी हैं जिनका सीधा संबंध आम दर्शनार्थियों से नहीं है, जैसे कि 3.5 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार का निर्माण। ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर परिसर का सौंदर्य, शिल्प और वैदिक वास्तुकला इसे विश्व का एक अद्वितीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाएगा। रामनगरी अयोध्या अब पूरी तरह से भव्य श्रीराम धाम के रूप में भक्तों के स्वागत के लिए तैयार है।