जयपुर। राजस्थान के जयपुर-अजमेर हाईवे पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने अफरा-तफरी मचा दी। मोखमपुरा के पास LPG सिलेंडरों से भरे ट्रक और केमिकल टैंकर की आमने-सामने भिड़ंत के बाद हाईवे पर आग लग गई। धमाकों की तेज आवाजें कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दीं। हादसे के बाद हाईवे पर करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे लोगों को पूरी रात भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
छह घंटे तक ठप रहा यातायात, सुबह तक बना 25 किलोमीटर लंबा जाम
हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे हुआ। टक्कर के बाद LPG सिलेंडरों में लगातार धमाके होने लगे और आग ने आसपास खड़े कई वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। फटे सिलेंडरों और जले वाहनों को हटाने में पूरी रात मशक्कत चलती रही। बुधवार सुबह करीब चार बजे हाईवे को आंशिक रूप से खोला गया, लेकिन तब तक गिदानी से सावरदा तक करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लग चुका था।
सुबह सात बजे तक स्थिति और भी बिगड़ गई। महला से सावरदा तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई बसें और ट्रक घंटों तक एक ही जगह अटके रहे। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार जाम खोलने में जुटी रहीं। फिलहाल ट्रैफिक को डायवर्ट कर धीरे-धीरे आवागमन बहाल किया जा रहा है।
रातभर चली राहत-बचाव की कोशिशें
हादसे के तुरंत बाद दमकल की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भयंकर थी कि टीमों को सिलेंडरों और टैंकर को ठंडा करने में पूरी रात लग गई। एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। प्रशासन ने नासनोदा से मौजमाबाद होते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट किया, जिससे 25 किलोमीटर का जाम घटकर अब करीब 2 से 5 किलोमीटर रह गया है। हालांकि यह छोटा सा हिस्सा भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई घटना की दास्तान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त ट्रक चालक और खलासी सड़क किनारे बने महादेव ढाबे पर खाना खा रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार केमिकल टैंकर ने ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि LPG ट्रक पलट गया और आग के गोले में तब्दील हो गया। सिलेंडरों में हुए धमाकों से कई सिलेंडर 200 मीटर तक उछलकर खेतों में जा गिरे।
हादसे में पास खड़े चार से पांच अन्य ट्रक भी आग की चपेट में आ गए। पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि एफएसएल जांच के बाद ही नुकसान और कारणों की पूरी जानकारी सामने आएगी।
आवागमन बहाल करने में जुटा प्रशासन
बुधवार सुबह तक जले वाहनों और मलबे को हटाने का कार्य जारी रहा। भारी मशीनों की मदद से जले ट्रक और टैंकर को सड़क किनारे किया गया। फिलहाल हाईवे पर धीरे-धीरे ट्रैफिक बहाल हो रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है ताकि हाईवे पर दबाव कम किया जा सके।