ग्वालियर में बड़ी बहू की प्रताड़ना से एक 95 साल का बुजुर्ग इतना तंग आ गया कि उसने लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली आत्महत्या करने से पहले बुजुर्ग ने एक सुसाइड नोट लिखा है। जिसमे बड़ी बहू को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
पूरा मामला जाने
थाटीपुर थाना क्षेत्र नेहरू कॉलोनी में रहने वाले 95 साल के रामाधार गुप्ता डेयरी संचालक है। उनकी पीएनटी कॉलोनी में दूध की डेयरी है। अभी डेयरी को उनका बेटा सुरेश चंद्र गुप्ता संचालित करता है। शुक्रवार की देर रात वह अपने कमरे में थे और परिजन अपने-अपने काम में व्यस्थ थे। तभी अचानक उनके कमरें से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनते ही परिजन कमरे में दौड़े तो अंदर रामाधार खून से लथपथ कुर्सी पर पड़े हुए थे और पास ही उनकी बारह बोर की लाइसेंसी राइफल जमीन पर पड़ी हुई थी। परिजन ने उनकी नब्ज टटोली तो उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस का क्या कहना है?
परिजनों ने तुरंत ही मामले की सूचना पुलिस और बेटे को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जांच में पता चला है कि बुजुर्ग ने कुर्सी पर बैठकर जमीन पर राइफल टिकाई और पेट पर उसकी नाली रख कर ट्रिगर दबाया था। जिससे गोली उनके पेट में लगकर आरपार निकल गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था।?
मृतक ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने लिखा था कि ‘ में रामाधार अपनी परेशानी से तंग आकर यह कदम उठा रहा हूं। मेरी बड़ी बहू सुनीता मुझे बहुत परेशान करती है। अब मुझसे यह परेशानी झिल नहीं रही है। मैं आत्महत्या सुनीता के कारण कर रहा हूं। मेरी हत्या की जिम्मेदार सुनीता है। बहुत सहा पर अब मुझसे यह सब झिल नहीं रही है, क्योंकि मेरी उम्र 95 साल की हो चुकी है। मैंने सुनीता से कहा कि मेरी उमर अब मरने लायक है। अब हम कहां जाएंगे। मेरी हत्या का मामला सुनीता पर जरुर दर्ज करें। मेरी छोटी बहू मेरा ख्याल रखती थी’ पुलिस ने मौके से मिले सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक को जप्त कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के बाद मर्ग कायम कर सुसाइड नोट और घर वालों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।