छठ महापर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। इन राज्यों के अलावा दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी छठ महापर्व की रौनक देखने को मिलती है। छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस पर्व का समापन किया जाता है। तो जानिए हमारे साथ कि 4 दिवसीय छठ महापर्व कब से शुरू होगा और सूर्य अर्घ्य की सही तिथियां क्या हैं।
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छठ पर्व 2025 की तिथियां
- नहाय-खाय – शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 (कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि)
- खरना- रविवार, 26 अक्टूबर 2025 (कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि)
- अस्तचलगामी सूर्य को शाम को अर्घ्य- सोमवार (कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि)
- उदीयमान सूर्य को प्रात:कालीन अर्घ्य- मंगलवार (कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि)
चतुर्थी तिथि
छठ महापर्व की शुरुआत चतुर्थी तिथि के दिन नहाय-खाय के साथ की जाती है। इस दिन व्रती सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। ज्यादातर इस दिन लौकी, चावल या दाल का सेवन किया जाता है तो ध्यान रहे इसस दिन इन्ही सब्जियों का सेवन करे ।
पंचमी तिथि
इस दिन खरना होता है। इस दिन व्रती पूरे दिन भर उपवास रखकर शाम के वक्त गुड़ की खीर प्रसाद के रूप में ग्रहण कर के अपने उपवास को खोलती हैं और फिर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।
अस्तचलगामी सूर्य को शाम को अर्घ्य (छठ)
षष्ठी तिथि के दिन सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन को ही मुख्य रूप से छठ के रूप में जाना जाता है।
उदीयमान सूर्य को प्रात:कालीन अर्घ्य
सप्तमी तिथि के दिन उगते सूर्य को व्रती अर्घ्य देते हैं और व्रत का पारण करते हैं। इसके साथ ही छठ महापर्व का समापन हो जाता है।