ग्वालियर के राधा रानी होटल में वैश्य विकास परिषद द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह अपार उत्साह, उल्लास और पारिवारिक सौहार्द के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। पूरी शाम दीपों की चमक, संगीत की मधुरता और परिवारों के स्नेहिल संगम से सराबोर रही। संस्था की अध्यक्ष ज्योति अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत माता लक्ष्मी की आराधना और 51 दीपों के प्रज्ज्वलन के साथ हुई। दीपों की पावन रोशनी ने पूरे वातावरण को दिव्य और आनंदमय बना दिया।
परंपरा और फैशन का संगम — सदस्यों की रैंप वॉक ने जीता दिल
समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा पारंपरिक परिधानों में सजे दंपतियों का फैशन रैंप वॉक, जिसने कार्यक्रम में रंग, उत्साह और ऊर्जा भर दी। हर जोड़ी ने मंच पर आकर यह संदेश दिया— “उम्र नहीं, मन का जोश त्योहार को असली रंग देता है; और जब परिवार साथ हो तो हर मंच उत्सव बन जाता है।”
रैंप वॉक में चयनित विजेताओं में—
- अशोक और सुनीता अग्रवाल — मिस्टर पटाखा और मिसेज़ फुलझड़ी
- राजेन्द्र और नीलम जैन — गीत “चंचल सा बदन” पर शानदार प्रस्तुति के लिए खील बतासे अवॉर्ड
- देवांशु–आकांक्षा गोयल, गिर्राज–पूनम दानी, मोहन गोयल — विजेता दंपति
निर्णायक की भूमिका समाजसेवी शैलेश जैन ने निभाई।
मनोरंजन से भरपूर खेल और पारिवारिक गतिविधियाँ
कार्यक्रम की संयोजिका नेहा गोयल और भारती गुप्ता ने अपनी सृजनात्मकता और कुशल प्रबंधन से पूरे आयोजन को सफल और यादगार बनाया।
म्यूजिकल गेम्स में विजेता —
- मधु–गोपाल गोयल
- लक्ष्मीनारायण–साधना अग्रवाल
वहीं सुशीला गुप्ता को पंक्चुअलिटी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
युवा प्रतिभा का सम्मान , समाज को मिली नई प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान सीए फाउंडेशन परीक्षा में ग्वालियर टॉप थ्री में स्थान पाने वाले अचिंत अग्रवाल को सम्मानित किया गया। वरिष्ठजनों द्वारा दिए गए इस सम्मान ने समारोह में प्रेरणा का नया प्रकाश जोड़ दिया।
इस अवसर पर समाजसेवी शैलेश जैन ने कहा— “बच्चे हमारे समाज का भविष्य हैं। जब हम युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करते हैं, तो यह न केवल उन्हें प्रेरित करता है, बल्कि समाज को नई ऊर्जा देता है।”
समारोह का समापन
समारोह में सचिव अंजू जैन, कोषाध्यक्ष मंजू अग्रवाल, संजय (रूबी) अग्रवाल, महावीर गुप्ता, मुकेश गोयल, मदन मोहन गुप्ता, प्रखर गोयल, राकेश सिंघल सहित परिषद के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मधुर संगीत, हंसी-खुशी और परिवारों की आत्मीयता के माहौल में हुआ। दीपों की रौशनी ने न केवल दीपावली का उल्लास बढ़ाया, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और प्रेम का उजास भी फैलाया।