केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को अपने तीन दिवसीय त्रिपुरा-असम प्रवास के दूसरे दिन त्रिपुरा के उत्तर फुलबारी पहुंचे, जहाँ उन्होंने ₹80 करोड़ की अगरवुड़ वैल्यू चेन विकास योजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के विजन के तहत इस दौरे पर इस क्षेत्र के लिए कई सौगात लेकर आए हैं, जिनमें से कुछ कल शुक्रवार को प्रवास के पहले दिन जनता के नाम की गई।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि देश की अगरवुड़ उत्पादन क्षमता त्रिपुरा और असम में केंद्रित है, और इस योजना के माध्यम से इन दोनों राज्यों को नई ऊर्जा देने का कार्य किया जा रहा है।
₹80 करोड़ की योजना से बनेगी पूरी अगरवुड़ वैल्यू चेन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत खेत में पेड़ से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में परफ्यूम की बोतल तक अगरवुड़ की संपूर्ण वैल्यू चेन को ₹80 करोड़ की योजना से मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि इसके अंतर्गत दो सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) स्थापित किए जाएंगे जिनमें से एक गोलाघाट यानी असम में और दूसरा त्रिपुरा के इसी क्षेत्र में बनेगा। इन दोनों केंद्रों के माध्यम से प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की समग्र व्यवस्था विकसित होगी , जिससे बिचौलियों को हटाकर किसानों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
GI टैग, निर्यात कोटा और डिजिटल परमिशन से मिलेगा वैश्विक बाजार
सिंधिया ने कहा कि अगरवुड़ सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई अहम कदम लिए गए हैं। जिससे जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
निर्यात कोटा छह गुना बढ़ाया गया है, चिप्स 25,000 किग्रा से बढ़ाकर 1.5 लाख किग्रा किया गया है, ऑयल 1,500 किग्रा से बढ़ाकर 7,500 किग्रा किया गया है एवं साइट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है, ताकि किसान सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ सकें।
लोकल टू ग्लोबल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच ‘लोकल टू ग्लोबल’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ का सबसे सशक्त उदाहरण फुलबारी का अगरवुड़ सेक्टर है।
उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में लगभग 15 करोड़ अगरवुड़ के पेड़ हैं, जिनमें से करीब 90% उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थित हैं। इस योजना के माध्यम से त्रिपुरा की उत्पादन क्षमता में 50% तक वृद्धि होने की संभावना है।
त्रिपुरा के अगरवुड मार्केट की ₹2,000 करोड़ वार्षिक टर्नओवर की क्षमता
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले 3–4 वर्षों में केवल त्रिपुरा के अगरवुड़ बाजार के लिए ₹2,000 करोड़ वार्षिक टर्नओवर की क्षमता की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में कतर के बायर्स के साथ ऐसी बैठक हुई, जिसमें किसानों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ा गया। जिससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए बायर-सेलर मीट्स आयोजित की जा रही हैं।
त्रिपुरा के लिए विकास योजनाओं की शृंखला जारी
सिंधिया ने कहा कि वह अगरवुड़ परियोजना के लिए त्रिपुरा आए , लेकिन इसके साथ ही राज्य के लिए कई अन्य विकास योजनाएँ भी प्रगति पर हैं। उन्होंने 220 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया, अगरतला गवर्नमेंट इंटर कॉलेज (₹192 करोड़) और मातृ एवं शिशु अस्पताल (₹200 करोड़) का निरीक्षण किया। इसके साथ ही आगामी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने रविवार को ₹290 करोड़ के माताबाड़ी पर्यटन सर्किट का शिलान्यास भी किया।