केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर कलेक्ट्रेट में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत’ का स्पष्ट रोडमैप बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट भारत की जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है जिसमें विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं। यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप देश की आर्थिक मजबूती, अधोसंरचना विस्तार और भविष्य की तकनीकों का रोडमैप प्रस्तुत करता है।
समृद्ध भारत का रोडमैप है बजट
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2027 तक तीसरे स्थान की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। भारतीय अर्थव्यवस्था और बजट की प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि
- भारत की जीडीपी पिछले दस वर्षों में 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो चुकी है।
- अप्रैल से दिसंबर के बीच महंगाई दर घटकर मात्र 1.7% रही है, जो विश्व में सबसे कम है।
- राजकोषीय घाटे को 4.4% तक सीमित रखा गया है और अगले वर्ष इसे 4.3% तक लाने का लक्ष्य है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश को 2014 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाया गया है।
- बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर (10 नए फैब्स) और ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ (ऑडियो-विजुअल एवं गेमिंग) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- उत्तर-पूर्वी राज्यों के बजट में 50% की वृद्धि करते हुए 6,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा टेलीकॉम क्षेत्र के लिए 72,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
भविष्य की जरूरतों को रखा गया है ध्यान
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को धरातल पर उतारने वाले बजट है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री ने हर परिवार, हर समाज और हर वर्ग के लिए संसाधनों और अवसरों की बात की है। मोदी सरकार ने बजट में टैक्सटाइल से लेकर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि, सेवा और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों के लिए तो बड़ी घोषणाएं की है लेकिन साथ में उन्होंने आगामी भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कंटेंट क्रिएटर्स, पर्यटन और एआई के लिए सौगातों की बौछार कर दी है। ये सभी घोषणाएं दर्शाती हैं कि यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित और स्वावलंबी भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के कर्तव्य को पूरा करने वाला बजट है।