गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात ग्वालियर-मुरैना हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने पहले एक कार को टक्कर मारी और उसके बाद सामने से आ रही क्रेटा कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कार सवार स्कूल संचालक अनुज कुशवाह, उनकी मां और बहन घायल हो गए। हादसे के बाद तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सगाई से लौटते वक्त हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मुरैना सिविल लाइन न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय अनुज कुशवाह, जो प्राइवेट स्कूल संचालक हैं, 29 सितंबर को होने वाली अपनी सगाई के लिए शॉपिंग करने ग्वालियर आए थे। दिनभर शॉपिंग और डिनर के बाद वे मां प्रतिभा कुशवाह (55) और बड़ी बहन मोनिका कुशवाह (32) के साथ क्रेटा कार से मुरैना लौट रहे थे।
रात करीब 11 बजे जब वे पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित सेंट जॉन बैली स्कूल के सामने पहुंचे, तभी सामने से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक (क्रमांक MP07-HB-6552) बेकाबू होकर उनकी कार से टकरा गया। इससे पहले ट्रक ने आगे चल रही स्विफ्ट कार (MP07-CB-2356) को भी टक्कर मारी थी।
कार को घसीटते हुए ले गया ट्रक
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक क्रेटा कार को कुछ दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में अनुज, उनकी मां और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए।
- अनुज को हाथ-पैर और सिर में चोटें आई हैं।
- मां प्रतिभा सिंह को गंभीर चोटें लगी हैं और उनका शनिवार को ऑपरेशन होना है।
- बहन मोनिका भी घायल हैं।
घायलों को राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। वहीं, मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत एम्बुलेंस को कॉल किया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया।
पीड़ित का बयान
घायल अनुज कुशवाह ने कहा—
“मेरी 29 सितंबर को सगाई है। शॉपिंग कर लौट रहे थे। हादसे के समय हमारी कार की स्पीड सिर्फ 40-50 किमी प्रति घंटा थी। अचानक सामने से ट्रक आया और टक्कर मार दी। अगर हमारी गाड़ी की रफ्तार ज्यादा होती तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।”
पुलिस की कार्रवाई
पुरानी छावनी थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव ने बताया—
“एक सड़क हादसा हुआ है। दो लोग घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। घटना की जांच की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष
यह हादसा फिर साबित करता है कि हाईवे पर तेज रफ्तार और ओवरटेक की जल्दबाजी कितनी खतरनाक हो सकती है। तीन दिन बाद सगाई करने वाले स्कूल संचालक और उनका परिवार समय रहते बच गया, लेकिन हादसा और भी बड़ा हो सकता था।