दिल्ली प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। राजधानी के मौजूदा 11 जिलों को बढ़ाकर 13 करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। शुक्रवार को राजस्व विभाग ने यह प्रस्ताव दिल्ली सरकार को प्रस्तुत किया। इस बदलाव के साथ कई जिलों के नाम भी बदले जाएंगे, ताकि वे अपने भौगोलिक और प्रशासनिक स्वरूप को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सकें।
9 जिलों के लिए सुझाए गए नए नाम
राजस्व विभाग ने नौ जिलों के नामों में संशोधन कर उन्हें अधिक सटीक और भौगोलिक रूप से उपयुक्त बनाने का सुझाव दिया है। प्रस्तावित नाम हैं सिविल लाइंस, करोल बाग, रोहिणी, नरेला, नजफगढ़, सिटी सदर, केशवपुरम, नॉर्थ शाहदरा, साउथ शाहदरा। वहीं सेंट्रल, न्यू दिल्ली, साउथ और वेस्ट जिलों के नाम बिना बदलाव के ही शामिल किए गए हैं।
भौगोलिक आधार पर होगा जिलों का पुनर्गठन
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के अधिकांश मौजूदा जिलों जैसे उत्तर दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, उत्तर-पूर्व दिल्ली के नाम उनके भौगोलिक स्थान पर आधारित हैं। नए प्रस्ताव में भी इसी नीति का पालन किया गया है।
जिलों की सीमाओं को नगर निगम (MCD) के जोन से मेल कराने के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया जा रहा है। इससे प्रशासनिक कामकाज और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बनेंगे 2 नए जिले
दिल्ली के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्रों पूर्वी दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के विभाजन की सिफारिश की गई है। इन्हें दो नए जिलों के रूप में विकसित किया जाएगा नॉर्थ शाहदरा और साउथ शाहदरा।
इस विभाजन का उद्देश्य स्थानीय प्रशासन को मजबूत करना और तेजी से बढ़ती आबादी वाले क्षेत्रों में सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
नई दिल्ली जिले में न्यूनतम बदलाव
राजधानी के प्रतिष्ठित प्रशासनिक क्षेत्र, जिसे आमतौर पर लुटियन्स दिल्ली कहा जाता है, में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं। यहां के तीन उप-विभाग दिल्ली कैंट, वसंत विहार और चाणक्यपुरी को दो हिस्सों में पुनर्गठित करने का प्रस्ताव है जैसे दिल्ली कैंट उप-विभागऔर न्यू दिल्ली उप-विभाग।
वसंत विहार की कॉलोनियां जाएंगी नजफगढ़
प्रस्ताव में बताया गया है कि वसंत विहार उप-विभाग की लगभग सभी कॉलोनियों को नए नजफगढ़ जिले में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशासनिक सुविधा और क्षेत्रीय संगति के अनुसार आवश्यक कदम है।
कैबिनेट और उपराज्यपाल की मंजूरी
अब यह संपूर्ण प्रस्ताव दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा। अंतिम मंजूरी मिलते ही राजधानी का नया जिला नक्शा आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।
दिल्ली में जिलों का यह व्यापक पुनर्गठन राजधानी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन होगा, जिससे लोगों को सेवाओं तक पहुंच और प्रशासनिक कार्यवाही में और अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।