इजरायल/अमेरिका और ईरान की बीच चली आ रही इस भीषण जंग ने मध्य–पूर्व एशिया से लेकर यूरोप तक लगभग पुरी दुनिया को प्रभावित कर दिया है। बीते 33 दिन से जंग जारी है, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर कई देश प्रभावित हो रहे है। बात पैट्रोल या डीज़ल की हो, रसोई गैस की हो या अन्य सामग्री जिसमें ईरान के 5 टॉप एक्सपोर्ट प्रोडक्ट हैं जैसे एथिलीन पॉलीमर्स, आयरन ओर्स और कंसन्ट्रेट्स, पेट्रोलियम गैसें, अलग-अलग तरह के नट्स और फिर एसाइक्लिक अल्कोहल। यह सभी सामग्री का आयात निर्यात इस जंग की वजह से निरंतर प्रभावित हो रहा है। जो वैश्विक बाजार में रोज उथल– पुथल मचाए हुए है।
अगर हम भारत के ही संदर्भ मै बात करे तो तकरीबन 400 ऐसे जहाज़ है जो अब भी स्ट्रेट ऑफ हार्मोज मै फसे हुए है। भारतीय जल सेना के जंगी जहाज़ उनको सुरक्षित संरक्षण मुहैया कराने मै लगे हुए है, और जब–जब ईरान वहां से जहाज़ को छोड़ता है भारतीय नौसेना उसको सुरक्षित रूप से उस क्षेत्र से बाहर निकलवाती है। भारत के बाजार मै इस जंग का सीधा प्रभाव देखने को मिल रहा है, बाजार के अंदर फल, सब्जी, मेवा, मसाले, किराने जैसे रोज की मूलभूत चीजों की कीमतों मै उछाल आना शुरू हो गया है। मध्यम और निचले वर्ग के लोगों को ये जंग बहुत भारी पड़ रही है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के कुछ अधिकारियों की सूचना के अनुसार ईरान के पास अभी भी मिसाइल क्षमता 50% तक शेष है जोकि अमेरिका/ इजरायल के लिए भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। वही दूसरी और यह क्षमता ईरान को तो दमखम देती है जंग जारी रखने के लिए, मगर अन्य देश जो इस जंग का हिस्सा नहीं है उनके लिए भी एक चिंता का विषय बनी हुईं है। क्योंकि ईरान ने यह साबित कर दिया है कि वो अमेरिका और इजरायल के सामने अपने घुटने नहीं टेकने वाला और अमेरिका/इजरायल भी अपनी जिद पर अड़े हुए है जिसका खामियाजा अन्य देशों को आर्थिक रूप मै भोगना पड़ रहा है।
अब यह देखना बाकी है कि यह जंग अभी भी बाकी है कि आगे आने वाले समय मै यह जंग क्या मोड लेती है, क्या अमेरिका और इजरायल जैसे युद्ध कौशल मै सशक्त देश अपने संयुक्त प्रयासों मै सफल हो पाएंगे या फिर 99% प्रतिशत साक्षरता के साथ दृढ़ निश्चय और अटूट मनोबल रखने वाला एक छोटा देश ईरान अमेरिका और इजरायल को अपने शर्तों पर युद्ध विराम करने को मजबूर कर देगा। अब यह तो आगे आने वाला वक्त हे बताएगा कि ये युद्ध अब कौन सी करवट लेगा। बेरहाल कोई भी जंग मानवीय दृष्टि कोड से घातक हे साबित हुई है।