हिंदू धर्म में पांच दिनों तक चलने वाले प्रकाश पर्व दीपावली की शुरुआत धनतेरस से होती है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व शुभ खरीदारी और भगवान धन्वंतरि की आराधना से जुड़ा है। माना जाता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं पूरे वर्ष समृद्धि और सौभाग्य लेकर आती हैं।
अगर आप इस धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने में सक्षम नहीं हैं, तो चिंता की बात नहीं। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें खरीदना बेहद शुभ माना गया है। जानिए वे 10 चीजें जो आपको इस धनतेरस पर जरूर खरीदनी चाहिए—
1. झाड़ू: दरिद्रता दूर करने का प्रतीक
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है। सनातन परंपरा में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन झाड़ू खरीदकर उसकी पूजा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पूरे वर्ष लक्ष्मी कृपा बनी रहती है। मान्यता है कि बाजार से तीन झाड़ू खरीदकर एक मंदिर में अर्पित करनी चाहिए।
2. धनिया: धनवृद्धि का संकेत
धनतेरस के दिन खड़ी धनिया खरीदना बेहद शुभ माना गया है। पूजा में इसे गणेश-लक्ष्मी को चढ़ाने से पूरे वर्ष धन की वृद्धि और शुभ लाभ प्राप्त होता है। मान्यता है कि इससे घर में आर्थिक समृद्धि बनी रहती है।
3. शंख: लक्ष्मी के भाई का प्रतीक
शंख को अत्यंत पवित्र माना गया है। इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी, जैसे माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ। कहा जाता है कि जिस घर में शंख की पूजा होती है, वहां भय, भूत और दरिद्रता का वास नहीं होता। धनतेरस पर इसे घर लाना शुभता को बढ़ाता है।
4. गोमती चक्र: सौभाग्य का दाता
समुद्र में पाए जाने वाले गोमती चक्र को भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर इसे खरीदकर दीपावली की रात माता लक्ष्मी को अर्पित करने से सुख, सौभाग्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
5. कौड़ी: मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तु
मां लक्ष्मी को कौड़ी अत्यंत प्रिय है। आज के दिन पीली कौड़ी खरीदकर लाना शुभ माना जाता है। यदि पीली कौड़ी न मिले, तो उसे हल्दी या केसर से रंगकर लक्ष्मी पूजा में चढ़ाएं। ऐसा करने से घर में धन की बरकत बनी रहती है।
6. लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति: पूजा का अनिवार्य हिस्सा
धनतेरस के दिन लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदने का विशेष महत्व है। दिवाली की रात इन्हीं मूर्तियों की पूजा की जाती है। ध्यान रखें कि मूर्ति संपूर्ण और बिना टूटी-फूटी हो तथा उनमें लक्ष्मीजी की सवारी उल्लू और गणेशजी की सवारी चूहा अवश्य हो।
7. हल्दी की गांठ: शुभता और समृद्धि का प्रतीक
हल्दी को हर शुभ कार्य में आवश्यक माना गया है। धनतेरस के दिन हल्दी की गांठ घर में लाकर दीपावली की रात माता लक्ष्मी को चढ़ाने से घर में धन-धान्य और शुभता बनी रहती है।
8. बताशा: मिठास और प्रसन्नता का प्रतीक
बताशे को लक्ष्मी पूजा में चढ़ाना शुभ माना गया है। धनतेरस के दिन बताशा खरीदकर दीपावली की रात माता लक्ष्मी को अर्पित करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और घर में मिठास और समृद्धि बढ़ती है।
9. सुपारी: शुभता का प्रतीक
सुपारी को सनातन परंपरा में भगवान गणपति का प्रतीक माना गया है। धनतेरस पर सुपारी खरीदकर दीपावली पूजा में चढ़ाना शुभ होता है। पूजा के बाद इसे धनस्थान पर रखने से धन की वृद्धि होती है।
10. बर्तन: अमृत पात्र का प्रतीक
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा कुंभ लेकर प्रकट हुए थे। तभी से इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। आज के दिन पीतल, चांदी या तांबे के बर्तन खरीदना शुभ होता है, लेकिन लोहे के बर्तन से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
धनतेरस पर केवल महंगी चीजें ही नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ी छोटी-छोटी वस्तुएं भी मां लक्ष्मी की कृपा पाने का मार्ग खोलती हैं। इसलिए इस बार जब बाजार जाएं, तो इन वस्तुओं को जरूर खरीदें और दीपावली की शुरुआत शुभता और समृद्धि के साथ करें।