पाकिस्तान में श्री गुरु नानक देव जी का 555वां प्रकाशोत्सव मनाने गई पंजाब के कपूरथला जिले के अमानीपुर गांव की 52 वर्षीय महिला सरबजीत कौर के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। चार नवंबर को 1,932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान पहुंची सरबजीत कौर जत्थे से अलग हो गईं। बाद में पता चला कि उन्होंने इस्लाम कबूल कर ‘नूर’ नाम रख लिया और 5 नवंबर को पाकिस्तानी युवक नासिर हुसैन से निकाह कर लिया।
सरबजीत कौर, सुल्तानपुर लोधी की एसजीपीसी सदस्य गुरप्रीत कौर की सिफारिश पर जत्थे में शामिल हुई थीं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। दस दिन की पाक यात्रा पर गया यह जत्था जब अटारी बॉर्डर लौटने लगा, तब इमीग्रेशन जांच में सरबजीत का लापता होना सामने आया। इसके बाद बीएसएफ, पंजाब पुलिस और विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की एजेंसियों से संपर्क साधा।
देर रात सामने आए निकाहनामा ने स्पष्ट किया कि सरबजीत कौर इसी इरादे से पाकिस्तान गई थीं। उधर, उनके अमानीपुर स्थित घर पहुंची पुलिस को परिजनों ने कोई जानकारी नहीं दी। सरबजीत के नाम पर पहले तीन केस दर्ज थे, जो अब खत्म हो चुके हैं, इसलिए उन्हें पीसीसी जारी हो गया था। हालांकि उनके दो बेटों पर कई केस दर्ज हैं।
इससे पहले 2018 में होशियारपुर की किरण बाला भी इसी तरह जत्थे के साथ पाकिस्तान जाकर धर्म परिवर्तन कर चुकी थी। ऐसे मामलों को देखते हुए यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि सरबजीत कौर को अकेले पाकिस्तान जाने की अनुमति कैसे मिली, जबकि नियम यह था कि बिना किसी रिश्तेदार के महिला को इजाज़त नहीं दी जाएगी।
गांव में सरबजीत कौर के पाकिस्तान में लापता होने और धर्म परिवर्तन की खबर से लोग स्तब्ध हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई हैं।