प्रेमानंद जी महाराज बोले – ‘दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं… अब जाना है’ — जानिए कौन सी बीमारी ने उन्हें इस हाल तक पहुंचा दिया

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प्रेमानंद जी महाराज बोले – ‘दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं... अब जाना है’ — जानिए कौन सी बीमारी ने उन्हें इस हाल तक पहुंचा दिया"

प्रेमानंद जी महाराज का स्वास्थ्य: भक्तों में बढ़ी चिंता, रोजाना कराना पड़ रहा है डायलिसिस

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज इन दिनों अपने स्वास्थ्य को लेकर चर्चा में हैं। उनका चेहरा सूजा हुआ और लाल दिखाई दे रहा था, साथ ही आवाज में कंपकंपी भी सुनाई दी। उनके लाखों भक्तों में चिंता की लहर दौड़ गई और हर कोई उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना करने लगा।

आश्रम ने जारी किया बयान — “महाराज स्वस्थ हैं, अफवाहों पर ध्यान न दें”

जब सोशल मीडिया पर प्रेमानंद जी महाराज की तबीयत को लेकर तरह-तरह की बातें फैलने लगीं, तो श्री हित राधा केली कुंज परिवार की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया कि “प्रेमानंद महाराज जी स्वस्थ हैं और अपनी नियमित दिनचर्या निभा रहे हैं। भक्तों से निवेदन है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।” हालांकि, इसके बावजूद भक्तों की चिंता कम नहीं हुई, क्योंकि कुछ समय बाद महाराज का एक और वीडियो सामने आया जिसने सबको भावुक कर दिया।

प्रेमानंद जी का बयान — “दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं, अब ठीक होने की उम्मीद नहीं”

नए वीडियो में प्रेमानंद जी खुद कहते दिखे — “दोनों किडनी फेल हैं, अब ठीक होने को कुछ नहीं बचा है… अब तो जाना है, आज नहीं तो कल, अब तो चले ही जाना है।” उनकी यह बात सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और उनके लिए देशभर में प्रार्थना और महामृत्युंजय जाप शुरू हो गए।

क्या है वह बीमारी जिसमें रोजाना खून छानना पड़ता है?

डॉक्टरों के मुताबिक, प्रेमानंद जी महाराज किडनी फेल्योर (Kidney Failure) से जूझ रहे हैं।

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यह वह स्थिति होती है जब दोनों किडनियां शरीर से विषैले तत्व (toxins), अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थ निकालने में असमर्थ हो जाती हैं। ऐसे में मरीज को डायलिसिस (Dialysis) नामक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें मशीन के जरिए खून को छाना जाता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकाले जाते हैं।

किडनी फेल होने के संभावित कारण

1. लंबे समय से डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर रहना

2. किडनी में संक्रमण या सूजन (Nephritis)

3. पानी की कमी या बार-बार दवाइयों का अत्यधिक सेवन

4. वंशानुगत कारण या उम्र बढ़ने से अंगों की कार्यक्षमता घट जाना

इन कारणों से धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होती जाती है और अंततः फेल हो जाती है।

कई भक्तों ने दी किडनी दान की पेशकश, पर महाराज ने ठुकरा दी

महाराज जी के अनुयायियों ने जब यह सुना कि उनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं, तो कई भक्तों ने किडनी दान की पेशकश की। लेकिन प्रेमानंद जी ने नम्रता से इन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने कहा — “किसी को मेरे कारण तकलीफ नहीं होनी चाहिए। जो भी प्रभु की इच्छा होगी, वही स्वीकार है।” उनकी यह बात सुनकर हर कोई उनकी वैराग्यपूर्ण और संतस्वरूप सोच से भावविभोर हो गया।

क्या है डायलिसिस की प्रक्रिया?

डायलिसिस में मशीन के जरिए मरीज के शरीर से खून निकालकर उसे छाना जाता है और साफ खून वापस शरीर में भेज दिया जाता है। इस प्रक्रिया में लगभग 3–4 घंटे का समय लगता है और इसे सप्ताह में 2–3 बार या रोजाना करना पड़ सकता है, यह मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। प्रेमानंद जी को रोजाना डायलिसिस कराना पड़ रहा है, ताकि शरीर में विषैले तत्व जमा न हों और रक्त शुद्ध बना रहे।

भक्तों से अपील – अफवाहों से दूर रहें, प्रार्थना करें

प्रशासन और आश्रम प्रबंधन ने एक बार फिर श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही गलत खबरों से दूर रहें और केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें। साथ ही, सभी भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रेमानंद जी महाराज के दीर्घायु और स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करें।

निष्कर्ष

प्रेमानंद जी महाराज आज भी अपनी श्रद्धा, विनम्रता और त्याग भावना से करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। उनका यह कहना कि “किसी को मेरे कारण पीड़ा न हो” उनकी संतत्व की सबसे बड़ी पहचान है।

भक्तों का यही विश्वास है कि राधा-कृष्ण की कृपा से महाराज जल्द ही स्वस्थ होंगे।

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