दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदाम उठाते हुए ऐसा नियम लागू किया है जिसका सीधा असर वाहन चालक कीजेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है अब सरकार ने नया नियम चालू कर दिया है जिसमें बिना पीयूसी सर्टिफिकेट ना चालान कटेगा और ना ही पेट्रोल पंप पर गाड़ी में फ्यूल मिलेगा। इसीलिए जरूरी है जाना पीयूसी सर्टिफिकेट क्या है और यह कब तक वैलिड रहता है
क्या होता है PUC सर्टिफिकेट ?
PUC सर्टिफिकेट यानी ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट’ यह एक सरकारी डॉक्यूमेंट होता है जो की बताता है कि आपकी गाड़ी से निकलने वाला धुआं तय सीमा के अंदर है या नहीं। यह सर्टिफिकेट एमिशन टेस्टिंग सेंटर से सरकार द्वारा जारी किया जाता है इसके बिना गाड़ी चलाना कानून अपराध है।
कैसे बनवाएं पीयूसी सर्टिफिकेट और कितना आएगा खर्च ?
पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आपको अपनी गाड़ी किसी पेट्रोल पंप पर बने PUC सेंटर पर ले जाना होगा या फिर एमिशन सेंटर पर जहां वह चेक करके बताएंगे कि आपकी गाड़ी तय मानकों पर सही उतरती है या नहीं। जिससे आपको अपना PUC सर्टिफिकेट मिल सकता है। PUC सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आमतौर पर जो खर्च आता है वही खर्च आएगा ज्यादा नहीं जैसे 60 से ₹100 तक की फीस लग सकती है यह खर्च आपकी गाड़ी के फ्यूल टाइप पर निर्भर करता है
क्यों जरूरी है PUC सर्टिफिकेट बनवाना ?
PUC सर्टिफिकेट सिर्फ एक चालक नहीं है बल्कि यह ऐसा सर्टिफिकेट है जो हमारे आसपास की हवा और सेहत की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। यह एक ऐसा सर्टिफिकेट है जो प्रदूषण को कम करने के लिए बेहद जरूरी है