ग्वालियर नगर निगम की जनसुनवाई आज उस समय हंगामे में बदल गई जब उपनगर ग्वालियर के नागरिक गंदे पानी और खुले सीवर चैंबर की शिकायत लेकर निगम दफ्तर पहुंचे। लोगों का आरोप था कि उनके इलाकों में खुले सीवर चैंबर से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी दूभर हो गई है। वहीं नलों में भी गंदा और बदबूदार पानी आने की समस्या लगातार बनी हुई है।
नाराज नागरिकों ने नगर निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई। गुस्से से भरे लोगों ने कहा कि निगम केवल कागज़ों में सफाई दिखा रहा है, लेकिन ज़मीनी हालात बद से बदतर हैं।
जनसुनवाई में उपनगर ग्वालियर के छह कांग्रेसी पार्षदों ने भी हिस्सा लिया और जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्षदों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन को 7 दिन की मोहलत दी है कि यदि इस अवधि में सीवर और पेयजल की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।
लोगों का कहना है कि जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी जैसी समस्याओं के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन मौन बना हुआ है।