दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार सुबह बड़ी तकनीकी खामी सामने आई, जिसके कारण लगभग 300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भारी देरी हो गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से जुड़े सिस्टम के अचानक फेल होने से पूरे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और यात्रियों को बोर्डिंग गेट से लेकर सूचना काउंटर तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायतें साझा कीं और देरी को लेकर नाराजगी जताई।
Passenger Advisory issued at 13:42 Hours#DelhiAirport #PassengerAdvisory #DELAdvisory pic.twitter.com/it9iMu9zLn
— Delhi Airport (@DelhiAirport) November 7, 2025
कौन-सी एयरलाइंस सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं?
तकनीकी खराबी इतनी बड़ी थी कि दिल्ली से उड़ान भरने वाली लगभग सभी प्रमुख एयरलाइंस प्रभावित हुईं।
इनमें शामिल हैं—
- इंडिगो
- एयर इंडिया
- स्पाइसजेट
- अकासा एयर
इंडिगो ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर बताया कि ATC के डेटा सिस्टम में समस्या के कारण उड़ानों में देरी अपरिहार्य हो गई है।
#6ETravelAdvisory
— IndiGo (@IndiGo6E) November 7, 2025
We understand that the ongoing AMSS system issue affecting Air Traffic Control has led to delays and disruptions to travel plans, and we fully understand the inconvenience this may be causing to our customers and their loved ones.
While the authorities work to…
ATC क्या है और इसका काम कैसे रुक गया?
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) वह टीम होती है जो आकाश में उड़ रहे विमानों की गतिविधियों को लगातार ट्रैक करती है। राडार और रेडियो कम्युनिकेशन के जरिए ATC पायलटों को दिशा निर्देश देता है और सुनिश्चित करता है कि विमानों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहे।
ATC का मुख्य काम है—
- हवाई यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना
- पायलट को मौसम, रनवे और रूट की जानकारी देना
- टेकऑफ और लैंडिंग का नियंत्रण
सामान्य स्थिति में पायलट ATC के निर्देशों का पालन करता है, जबकि इमरजेंसी में वह अपनी प्राथमिकता के अनुसार निर्णय ले सकता है।
कहां फंसी तकनीक? यही है वो सिस्टम जो फेल हो गया
समस्या ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई है यह वही सॉफ्टवेयर है जो ATC को उड़ानों से जुड़ा जरूरी डेटा प्रदान करता है, जैसे—
- फ्लाइट प्लान
- रूट
- ऊंचाई
- मौसम की जानकारी
AMSS के फेल होते ही ATC को सिस्टम पर मिलने वाले सारे डेटा बंद हो गए। इसके चलते टीम को फ्लाइट प्लान को मैन्युअली प्रोसेस करना पड़ रहा है, जिससे हर उड़ान के क्लीयरेंस में अतिरिक्त समय लग रहा है। तकनीकी टीम इसे जल्द से जल्द ठीक करने में लगी है, लेकिन तब तक उड़ानों में देरी जारी रहेगी।
Mumbai Airport भी अलर्ट ,देशभर में पड़ा असर
दिल्ली की इस तकनीकी खामी ने देश के दूसरे प्रमुख एयरपोर्ट्स को भी प्रभावित किया है।
मुंबई एयरपोर्ट ने यात्रियों को सलाह दी है कि अपनी उड़ानों के बारे में ताज़ा जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क बनाए रखें।
क्योंकि दिल्ली से उड़ानें लेट होती हैं तो उनका असर कनेक्टिंग फ्लाइट्स ,क्रू शेड्यूल ,अन्य शहरों की उड़ानों
पर भी पड़ता है।
यात्री करें ये काम
एयरपोर्ट और एयरलाइन अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है—
- उड़ान पर निकलने से पहले एयरलाइन से अपडेट लें।
- SMS और ऐप नोटिफिकेशन चेक करें।
- टर्मिनल पर समय लेकर पहुंचे ।
- बिना पुष्टि किए एयरपोर्ट न पहुंचें।
कब तक ठीक होगा सिस्टम?
तकनीकी टीमें AMSS को रीस्टोर करने में जुटी हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई टाइमलाइन नहीं दी गई है। ATC फिलहाल मैन्युअल मोड में काम कर रहा है, जो उड़ानों की देरी बढ़ा सकता है। दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा है— “तकनीकी दिक्कतें दूर होने तक यात्रियों से सहयोग और धैर्य की उम्मीद है।”