देश में सबसे लंबी अवधि तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं की सूची एक बार फिर चर्चा में है। बिहार के जेडीयू नेता नीतीश कुमार शुक्रवार को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वर्ष 2005 से लगातार सत्ता में बने नीतीश कुमार ने 20 वर्षों तक बिहार की कमान संभाली है। चुनाव बदले, गठबंधन बदलते रहे। कभी बीजेपी, कभी आरजेडी के साथ, लेकिन नीतीश का मुख्यमंत्री पद पर बने रहना लगातार जारी रहा।
बिहार में मई 2014 से फरवरी 2015 तक जीतन राम मांझी को छोड़ दें, तो नीतीश का कार्यकाल बिना रुकावट जारी रहा है। वे पहले ही बिहार के इतिहास के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं। हालांकि देशभर की सूची में वे अभी आठवें स्थान पर हैं। यदि वे अपना कार्यकाल पाँच और वर्ष पूरा कर लेते हैं, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।
बुधवार को एनडीए विधायक दल ने नीतीश कुमार को अपना नेता चुना, जिसके बाद अब वे एक बार फिर सत्ता संभालने की तैयारी में हैं। गुरुवार को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें नीतीश के साथ दो उपमुख्यमंत्री और लगभग 20 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
हालिया चुनाव में बीजेपी को 89 सीटें और जेडीयू को 85 सीटें मिलीं। वहीं आरजेडी 25, कांग्रेस 6 और एआईएमआईएम 5 सीटों पर सिमट गई। इस परिणाम ने एनडीए को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत प्रदान किया है।
नीतीश कुमार का नया कार्यकाल न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या नीतीश आने वाले वर्षों में देश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर पाएंगे।