बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो पिछले 20 वर्षों से गृह मंत्रालय का प्रभार अपने पास रखते थे, इस बार उन्होंने यह अहम विभाग भाजपा को सौंप दिया है। भाजपा के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब राज्य के नए गृह मंत्री बन गए हैं।
यह फैसला भाजपा की राजनीति के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, क्योंकि गृह मंत्रालय को सरकार की सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली कुर्सियों में से एक माना जाता है।
सम्राट चौधरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई कैबिनेट में सम्राट चौधरी न सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि वित्त और वाणिज्य कर विभाग जैसे अहम मंत्रालयों का भी प्रभार संभाल रहे हैं ओबीसी समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी को आगे कर बीजेपी ने बिहार की राजनीति में अपना सामाजिक समीकरण और मजबूत किया है।
कैबिनेट में विभागों का बंटवारा (फिलहाल 18 मंत्रियों को विभाग आवंटित)
नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में कुल 24 मंत्री हैं, जिनमें से अभी 18 को विभाग बांटे गए हैं। प्रमुख विभाग इस प्रकार हैं—
| सम्राट चौधरी | गृह मंत्रालय, वित्त, वाणिज्य कर |
| विजय कुमार सिन्हा | भूमि एवं राजस्व विभाग |
| रामकृपाल यादव | कृषि तथा शहरी विकास |
| मंगल पांडेय | स्वास्थ्य विभाग |
| दिलीप जैसवाल | विधि और उद्योग |
| नितीन नवीन | सड़क निर्माण |
| संजय टाइगर | श्रम संसाधन |
| अरुण शंकर प्रसाद | पर्यटन, कला-संस्कृति, युवा |
| सुरेन्द्र मेहता | पशुपालन एवं मत्स्य विभाग |
राजनीतिक और सामाजिक समीकरण
नई कैबिनेट बनाते समय क्षेत्रीय, सामाजिक और जातिगत संतुलन का खास ध्यान रखा गया है। कई मंत्री ऐसे हैं जिनका चयन राजनीतिक विरासत, परिवारवाद या सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखकर किया गया है, जिस पर अब राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। भाजपा के ओबीसी चेहरे के रूप में सम्राट चौधरी की बड़ी नियुक्ति पार्टी की बिहार में बढ़ती राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का संकेत माना जा रहा है।