तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-नेता विजय की पार्टी तमिऴगा वेतत्रिक काची (TVK) की रैली दर्दनाक हादसे में बदल गई। रविवार शाम लगभग 7:30 बजे भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह हादसा राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक रैलियों में से एक पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।
कैसे बिगड़ी स्थिति?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार मंच के पीछे असामान्य रूप से घनी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। कई समर्थक बेहतर दृश्य पाने के लिए पेड़ों और अस्थायी ढांचों पर चढ़ गए। अचानक शाखाएं और कुछ संरचनाएं टूटकर गिर पड़ीं, जिससे लोग घबराकर भागने लगे। भीषण गर्मी, पानी की कमी और अव्यवस्थित बैरिकेडिंग ने हालात और बिगाड़ दिए। पुलिस ने 30 हजार लोगों की मौजूदगी का अनुमान लगाया था, लेकिन भीड़ 50–60 हजार तक पहुंच गई, जिससे नियंत्रण पूरी तरह टूट गया।
मौतें और घायलों का हाल
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मृतकों में 17 महिलाएं और 9 बच्चे शामिल हैं। करूर मेडिकल कॉलेज और कई निजी अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है। कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है स्थिति इतनी भयावह थी कि एंबुलेंस ट्रिची और आसपास के जिलों तक लगातार भेजी गईं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है ताकि हादसे की असल वजहों और लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके। डीजीपी ने स्वीकार किया कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में गंभीर खामियां रहीं।
विजय का बयान और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अभिनेता-नेता विजय ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा, “मेरा दिल टूट गया है, यह त्रासदी असहनीय है”। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। विजय ने प्रशासन से भी पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दिलाने की अपील की। इस दर्दनाक हादसे पर कई राष्ट्रीय नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया और भविष्य में भीड़ प्रबंधन के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
शहर का माहौल और जमीनी हालात
करूर शहर का लगभग दो किलोमीटर लंबा क्षेत्र पूरी तरह भीड़ से पटा हुआ था। अचानक बिजली गुल होने, बैरिकेड टूटने और भगदड़ में कई लोग दोपहिया वाहनों और बैरिकेड्स के नीचे दब गए। हादसे के बाद परिजन बच्चों और परिजनों को खोजते हुए इधर-उधर भागते दिखे। शहर के व्यापार संघ ने शोक में बंद का आह्वान किया है। अस्पतालों और प्रशासनिक कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां परिजन जानकारी ले सकें।