मानव ने करीब 50 साल पहले आखिरी बार चंद्रमा पर कदम रखा था। मगर अब चीन धीरे-धीरे अपने अंतरिक्ष यात्रियों को एक बार फिर चंद्रमा की सतह पर उतारने की तरफ में काम कर रहा है। 30 अक्टूबर, 2025 को, चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के एक प्रवक्ता ने कहा कि चीन की 2030 तक चंद्र मिशन शुरू करने की योजना “ट्रैक पर” है। वहीं अमेरिकियों को डर है कि यदि चीन नासा के प्रयास से पहले चंद्रमा पर उतर जाता है, तो अमेरिका की अंतरिक्ष यात्रा राष्ट्र के रूप में दर्जे को नुकसान पहुंच सकता है।
चीन ने लॉन्ग मार्च रॉकेट परिवार के 20 से अधिक प्रकार विकसित जानिए आज भी कितने सक्रिय
31 अक्टूबर को चीन की शेंझोउ-21 उड़ान ने तीन चालक दल के सदस्यों को तियानगोंग कक्षीय चौकी पर भेजा। उन्होंने अप्रैल 2025 से अंतरिक्ष स्टेशन पर रह रहे तीन अन्य चीनी अंतरिक्ष यात्रियों से संचालन संभाला। ऐसी चालक दल की अदला-बदली अब चीन के लिए सामान्य हो गई है और यह चंद्र मिशन की तैयारी करते हुए देश की प्रभावशाली क्षमताओं को और प्रदर्शित करती है। हालांकि तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी में देरी हुई है, क्योंकि उनके कैप्सूल पर अंतरिक्ष कचरे से टक्कर लगी। चीन ने जिस तरह से अंतरिक्ष में अपनी उपस्थिति को धीरे-धीरे मजबूत कि है 1970 के दशक से, चीन ने लॉन्ग मार्च रॉकेट परिवार के 20 से अधिक प्रकार विकसित किए हैं -जिनमें से 16 आज सक्रिय हैं।
लॉंग मार्च 10 मॉडल का ग्राउंड टेस्ट
चीन की रॉकेटों की सफलता दर 97% है। यह स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट की 99.46% सफलता दर से थोड़ा कम है। अपने विश्वसनीय लॉन्चरों के साथ, चीन ने अपनी अंतरिक्ष मील के पत्थरों के लिए सटीक योजना औ यथार्थवादी समयसीमाएं बनाने में सक्षम हो सका है। इस वर्ष अगस्त में, चीन ने अपने नवीनतम लॉंग मार्च 10 मॉडल का ग्राउंड टेस्ट किया। यह मॉडल 2030 में अगली पीढ़ी के मेंगझोउ चालक दल कैप्सूल पर सवार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने के लिए बनाया गया है।