आज के समय में सुरक्षित निवेश हर किसी की जरूरत बन चुका है। ज्यादातर लोग बैंक FD को भरोसेमंद मानते हैं, लेकिन घटती ब्याज दरों के कारण अब FD उतना लाभ नहीं दे पा रही है। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की सरकारी सेविंग स्कीमें एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आई हैं। यहां मिलने वाला रिटर्न 7% से अधिक है, और सरकारी गारंटी के कारण निवेश पूरी तरह सुरक्षित भी रहता है। इसी वजह से पोस्ट ऑफिस की योजनाएँ आज के समय में बेहतरीन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट मानी जा रही हैं।
बेटी के भविष्य के लिए सबसे सुरक्षित निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए सबसे लोकप्रिय सरकारी स्कीम है। इसमें फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो मार्केट की सबसे अधिक ब्याज दरों में शामिल है। इस योजना में बेटी के नाम से खाता खोला जाता है और 15 साल तक इसमें पैसा जमा किया जा सकता है, जबकि खाता 21 साल तक चलता है।
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत है पूरी तरह टैक्स फ्री रिटर्न। जमा राशि, ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट all tax free. छोटी रकम से भी निवेश शुरू किया जा सकता है, इसलिए मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बेटियों की पढ़ाई और शादी की तैयारी के लिए सबसे बेहतर योजना मानी जाती है।
सुरक्षित निवेश पर गारंटीड रिटर्न
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट उन लोगों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न चाहते हैं। वर्तमान में NSC पर 7.7% सालाना कंपाउंड इंटरेस्ट मिलता है। साल-दर-साल ब्याज जुड़कर राशि बढ़ती जाती है।
अगर कोई 10,000 रुपये निवेश करता है, तो 5 साल में यह रकम लगभग 14,490 रुपये तक पहुँच जाती है। यह पूरी राशि 100% सुरक्षित होती है, क्योंकि इसे केंद्र सरकार संचालित करती है। निवेश पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट भी मिलती है। यह स्कीम खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो मध्यम अवधि में सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं।
तय समय में रकम को डबल करने वाली स्कीम
किसान विकास पत्र पोस्ट ऑफिस की उन योजनाओं में से है जो निश्चित समय पर पैसे को दोगुना करती है। वर्तमान में इसमें 7.5% कंपाउंड इंटरेस्ट मिलता है और लगभग 115 महीने (9 साल 7 महीने) में रकम दोगुनी हो जाती है। यदि कोई 10,000 रुपये निवेश करता है, तो मैच्योरिटी पर यह राशि लगभग 20,000 रुपये हो जाती है। KVP की खासियत है 100% सरकारी गारंटी, यानी रिस्क बिल्कुल नहीं। हालांकि, मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालना सही नहीं माना जाता, लेकिन जरूरी परिस्थितियों में आंशिक निकासी की सुविधा मिल जाती है।