RBI की दिसंबर मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करने के तुरंत बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी ग्राहकों को राहत देने में देर नहीं की। बैंक ने अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट को 8.15% से घटाकर 7.90% कर दिया है। RBI ने जितनी कटौती की, बैंक ने भी अपनी लेंडिंग रेट में उतनी ही कमी की। नई दरें 6 दिसंबर 2025 से लागू हो चुकी हैं और बैंक का 2.65% मार्कअप पहले की तरह बरकरार है।
लोन पर ग्राहकों को कितनी राहत मिलेगी?
रेपो रेट में कटौती का सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है। ब्याज दर कम होने से उनकी EMI में कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक 20 लाख रुपये का होम लोन 10 साल की अवधि के लिए लेता है और उस पर नई ब्याज दर 7.90% लागू होती है, तो उसकी अनुमानित मासिक EMI लगभग 24,160 रुपये होगी। वहीं यदि ब्याज दर पुरानी यानी 8.15% ही रहती, तो उसे हर महीने लगभग 24,424 रुपये EMI चुकानी पड़ती। इस तरह ग्राहक को महीने में करीब 264 रुपये और पूरे 10 साल की अवधि में करीब 31,680 रुपये की बचत होगी।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस कटौती का अधिकतम लाभ उन सभी ग्राहकों को मिलेगा जिनके लोन रेपो रेट से लिंक्ड होते हैं। इनमें होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन वाले ग्राहक शामिल हैं। ब्याज दर कम होने से उनकी मासिक किस्तें कम होंगी, जिससे लंबी अवधि में अच्छी बचत होगी।
रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर बैंक, RBI से कर्ज लेते हैं। जब बैंकों के पास नकदी की कमी होती है, तो वे सरकारी बॉन्ड्स गिरवी रखकर RBI से पैसे लेते हैं और इस पर ब्याज चुकाते हैं। जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे ग्राहकों के लोन भी महंगे हो जाते हैं। वहीं जब रेपो रेट घटाया जाता है तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है, जिसका फायदा वे EMI घटाकर ग्राहकों को देते हैं।