मध्य प्रदेश विधानसभा में 18 फरवरी को सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 से 28 जनवरी 2026 तक करीब 2 लाख 70 हजार 300 महिलाएं और बेटियां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लापता हुई हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 50 हजार से ज्यादा को पुलिस अब तक खोज नहीं पाई है।
सरकारी जानकारी के अनुसार अभी भी 47,984 महिलाएं और 2,186 बालिकाएं लापता हैं। कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया के प्रश्न के लिखित जवाब में यह आंकड़े सामने आए हैं। औसतन हर दिन 125 महिलाएं और बेटियां गायब हो रही हैं, यानी हर घंटे लगभग 5।
रिपोर्ट के अनुसार करीब 48% बालिकाएं घर से नाराज होकर चली जाती हैं, लेकिन महिलाओं के मामलों में राज्य स्तर पर कोई स्पष्ट विश्लेषण नहीं किया गया है। चिंता इस बात की भी है कि हर साल लापता होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
वर्षवार आंकड़े (महिलाएं व बेटियां लापता)
| वर्ष | आंकड़े |
| 2020 | 31,405 |
| 2021 | 39,564 |
| 2022 | 43,148 |
| 2023 | 46,291 |
| 2024 | 50,798 |
| 2025 | 54,897 |
| 2026 (28 जनवरी तक) | 4,197 |
महिलाओं की स्थिति
| कुल लापता | 2,06,507 |
| खोजी गईं/खुद लौटीं | 1,58,523 |
| अभी भी लापता | 47,984 |
बालिकाओं की स्थिति
| कुल लापता | 63,793 |
| खोजी गईं/खुद लौटीं | 61,607 |
| अभी भी लापता | 2,186 |