दिव्यांगजन के सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त करना हमारा संकल्प: केन्द्रीय मंत्री

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दिव्यांगजन के सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त करना हमारा संकल्प: केन्द्रीय मंत्री

गुना। गुना का दिव्यांगजन किट वितरण शिविर भावुक पलों का साक्षी बना जब केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सुबह जनसुनवाई में उठाई ट्राइसाइकिल की मांग को दोपहर में पूरा कर दिया। दरअसल केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज गुना में आयोजित दिव्यांगजन किट वितरण शिविर में भाग लेकर 1929 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को 8,000 से अधिक सहायक उपकरण प्रदान किए। इनमें से एक ट्राइसाइकिल गणपत नाम के दिव्यांगजन को दी गई जिन्होंने सुबह बजरंगगढ़ में हुई जनसुनवाई में इसकी माँग की थी। कुछ ही घंटों में अपनी माँग पूर्ण होने पर गणपत भावुक हो उठे। इस अवसर पर सिंधिया ने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहारा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना ही सरकार का वास्तविक लक्ष्य है।

हर दिव्यांगजन की आवश्यकता के आधार पर तैयार की गई सूची

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह शिविर केवल औपचारिक वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके पीछे लंबे समय तक चला विस्तृत चिन्हांकन अभियान है। प्रत्येक दिव्यांगजन की आवश्यकता का अलग-अलग आंकलन करते हुए लगभग 9,000 उपकरणों की सूची तैयार की गई थी, जिसके आधार पर आज 1929 लाभार्थियों को 8,000 से अधिक उपकरण प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन में बदलाव आएगा और उनके सपनों को नई उड़ान मिलेगी।

तीनों जिलों में बड़े स्तर पर अभियान

उन्होंने बताया कि यह पहल केवल गुना संसदीय क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि करेरा, आरोन और राघोगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर संचालित की जा रही है। हाल ही में अशोकनगर में आयोजित शिविर में 1455 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को 5172 उपकरण वितरित किए गए थे। इसके अतिरिक्त शिवपुरी में आयोजित होने वाले आगामी शिविर में लगभग 25,000 उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार तीनों जिलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल लगभग 8,500 लाभार्थियों को 30,000 से अधिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उनका परिवार केवल किसी राजनीतिक सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण ग्वालियर-चंबल अंचल के नागरिक ही उनका परिवार हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे और संसाधनों की चिंता किए बिना हर संभव प्रयास करेंगे। अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक विशेषकर दिव्यांगजन को सम्मानजनक जीवन और समान अवसर उपलब्ध कराते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार किया जाएगा।

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