ग्वालियर रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है जो यात्रियों के बीच सफर करते हुए ट्रेन में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। चोर की करतूत जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। उसने न केवल ट्रेन में यात्रियों का सामान उड़ाया, बल्कि उससे पहले तमिलनाडु से एक लग्जरी कार चोरी कर फरार हो गया था।
ट्रेन में मुसाफिर बनकर करता था चोरी
ग्वालियर जीआरपी थाना पुलिस ने इस चोर की पहचान अमन सिंह परमार के रूप में की है, जो राजपुर चुंगी, आगरा (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने 21 सितंबर को उधना सूफी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 09118) के बी-1 एसी कोच में यात्रा कर रहे यात्री सचिन राजपूत (निवासी अंकलेश्वर, गुजरात) का बैग चोरी किया था।
उस बैग में सोने की बाली, नकद रुपये और निजी दस्तावेज रखे हुए थे। जीआरपी को लंबे समय से इस वारदात के आरोपी की तलाश थी। आखिरकार, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जब पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने ट्रेन चोरी से पहले की अपनी एक और बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा किया। अमन सिंह ने बताया कि वह पहले एक ड्राइवर की नौकरी करता था और तमिलनाडु से कार डिलीवरी का काम करता था। उसे टीएन 30 बीडब्ल्यू 9682 नंबर की लग्जरी कार को रतलाम पहुंचाना था, लेकिन रास्ते में उसकी नीयत बदल गई।
डिलीवरी देने के बजाय उसने कार लेकर भागने की योजना बना ली और वाहन के मालिक को धोखा देकर फरार हो गया। इसके बाद उसने ट्रेन में सफर करते हुए चोरी करना शुरू कर दिया ताकि पकड़ा न जाए और लगातार यात्रा करता रहे।
पुलिस को मिली चोरी का सामान और कार
ग्वालियर जीआरपी ने आरोपी से चोरी की गई लग्जरी कार, ट्रेन से चोरी किया गया सोने का गहना और नकदी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, अमन सिंह एक पेशेवर चोर है जो राज्यों की सीमाएं पार करके अपराध करता था।
जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि अमन सिंह का तरीका बेहद चतुर था — वह पहले ट्रेन में टिकट लेकर यात्री बनकर चढ़ता, फिर रात के समय या यात्रियों की नींद का फायदा उठाकर उनका सामान चुरा लेता और अगले स्टेशन पर उतर जाता था।
अन्य वारदातों की जांच शुरू
फिलहाल ग्वालियर जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने अन्य ट्रेनों में भी ऐसी वारदातें की हैं। साथ ही, तमिलनाडु से चोरी की गई कार के संबंध में भी वहां की पुलिस को सूचना दी गई है ताकि चोरी की घटना से जुड़े और सबूत जुटाए जा सकें।
जीआरपी की सटीक कार्रवाई
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि टीम को लंबे समय से उधना सूफी एक्सप्रेस में यात्रियों के सामान चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर विशेष निगरानी अभियान चलाया गया था। संदिग्ध यात्रियों की पहचान और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई।
पुलिस के मुताबिक, अमन सिंह का नाम पहले भी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की जांच सूचियों में सामने आया है। हालांकि फिलहाल ग्वालियर पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।