ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में अनोखी भक्ति झलक
मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी गोवर्धन पूजा का आयोजन इस वर्ष ग्वालियर की लाल टिपारा आदर्श गौशाला में किया गया। यहां 108 टन गोबर से बना 21 फीट ऊंचा विशाल गोवर्धन पर्वत आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस भव्य आयोजन में सांसद भारत सिंह कुशवाहा भी पहुंचे और उन्होंने गोवर्धन पर्वत के दर्शन के साथ गोमाता के लिए सजाई गई 56 भोग की झांकी का अवलोकन किया।
108 टन गोबर से निर्मित 21 फीट ऊंचा गोवर्धन
गौशाला प्रबंधन के अनुसार, इस बार का गोवर्धन पर्वत करीब 108 टन गोबर से तैयार किया गया है पर्वत की ऊंचाई लगभग 21 फीट है और इसे बनाने में स्थानीय कलाकारों व गौसेवकों ने कई दिनों तक लगातार मेहनत की। पूरे परिसर में भक्तों के लिए विशेष सजावट की गई है, और जगह-जगह दीपों और पुष्पों से भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की झांकी को सजाया गया है।
श्रद्धालुओं की भीड़, तीन राज्यों से पहुंचे भक्त
गोवर्धन पूजा के दर्शन के लिए न केवल ग्वालियर, बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से भी हजारों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। पूरे आयोजन में श्रद्धा, संगीत और भक्ति का अद्भुत वातावरण बना हुआ है।
लाल टिपारा गौशाला — प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला
लाल टिपारा आदर्श गौशाला मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला मानी जाती है, जहां 10,000 से अधिक गौमाताएं संरक्षित हैं। गौशाला परिसर में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सांसद भारत सिंह कुशवाहा का संदेश
सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने इस अवसर पर कहा — “ग्वालियर की धरती पर इतना विशाल गोवर्धन पर्वत और गौसेवा का आयोजन देखना अपने आप में गर्व की बात है। यह परंपरा और श्रद्धा का संगम है, जिसे आने वाली पीढ़ियों को भी संजोना चाहिए।”
भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र
- 108 टन गोबर से बना 21 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत
- 56 भोग की झांकी और भव्य सजावट
- गौसेवा और आरती कार्यक्रम
- तीन राज्यों से आए हजारों श्रद्धालु
- भक्ति संगीत, भजन और दीपोत्सव का संगम