लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाए गए राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ग्वालियर शहर ने “रन फॉर यूनिटी” के जरिए एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ दौड़ लगाई और देश की एकता, अखंडता और भाईचारे की भावना को जीवंत किया।
“रन फॉर यूनिटी” में उमड़ा उत्साह, ग्वालियर ने दी एकता की मिसाल
ग्वालियर के एलएनआईपीई परिसर से शुरू हुई इस मैराथन को सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और सांसद भारत सिंह कुशवाह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ रेसकोर्स रोड, स्टेशन बजरिया, तानसेन रेसीडेंसी, आकाशवाणी तिराहा, सूर्य नमस्कार तिराहा और मेला रोड से होती हुई वापस एलएनआईपीई पर समाप्त हुई।
मैराथन में न केवल छात्र और खिलाड़ी बल्कि अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का मकसद था — देश की एकता और अखंडता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश देना।
सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ
इस अवसर पर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने “सांसद खेल महोत्सव” की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा — “सरदार पटेल ने जिस भारत को एक सूत्र में पिरोया, हमें उसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। खेल और एकता, दोनों ही राष्ट्र निर्माण के मजबूत स्तंभ हैं।” उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों, प्रतिभागियों और अधिकारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
विजेताओं को मिला सम्मान और नगद पुरस्कार
मैराथन के अंत में पुरुष और महिला वर्ग में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
पुरुष वर्ग में:
- शिवम तोमर — प्रथम (₹11,000)
- अमरदीप — द्वितीय (₹7,000)
- प्रदीप शर्मा — तृतीय (₹5,000)
महिला वर्ग में:
- कोमल साहू — प्रथम (₹11,000)
- मनीषा — द्वितीय (₹7,000)
- गायत्री केवट — तृतीय (₹5,000)
इसके अलावा, पूरे 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने वाले नन्हे प्रतिभागी रूद्र प्रताप सिंह भदौरिया को मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने अपनी ओर से विशेष नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
स्वच्छता के प्रति भी दिखाई जागरूकता
मैराथन के बाद सांसद भारत सिंह कुशवाह और कलेक्टर ने स्वयं कचरा साफ कराकर स्वच्छता का संदेश दिया। उनका कहना था कि — “एकता के साथ स्वच्छता भी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। एक स्वच्छ भारत ही सशक्त भारत की नींव है।”
जनभागीदारी और देशभक्ति से ओत-प्रोत आयोजन
पूरे आयोजन में नागरिकों का उत्साह देखने लायक था। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी देशभक्ति के नारों के साथ दौड़ते दिखे। “एकता में ही शक्ति है” और “सरदार पटेल अमर रहें” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
यह मैराथन न केवल एक खेल आयोजन था, बल्कि यह एक संवेदनात्मक संदेश था — कि आज भी भारत की आत्मा उसकी एकता और भाईचारे में बसती है।