छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए न तो जनसेवा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के हर पात्र परिवार तक इस योजना का लाभ पहुंचे और कोई भी गरीब आर्थिक तंगी की वजह से इलाज से वंचित न रह जाए।
अब मिलेगा और भी आसान तरीके से
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। इसी लाभ को और अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब लोग सिर्फ अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके घर बैठे ही आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
सिर्फ मोबाइल और आधार नंबर से बनेगा कार्ड
पहले लाभार्थियों को दस्तावेज लेकर केंद्रों पर जाना पड़ता था, लेकिन अब प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है। इसके लिए सिर्फ तीन चीजों की जरूरत होगी, जो कि है।
1. मोबाइल फोन
2. आधार नंबर
3. आधार से लिंक मोबाइल पर आने वाला OTP
कार्ड बनाने के लिए लाभार्थी को सबसे पहले mera.pmjay.gov.in वेबसाइट या Ayushman App पर जाकर अपनी पात्रता जांचनी होगी। इसमें नाम, आधार नंबर, राशन कार्ड या मोबाइल नंबर के आधार पर परिवार की पात्रता देखी जा सकती है।
पूरी प्रक्रिया सिर्फ कुछ सेकंड में
पात्रता मिलने के बाद मोबाइल ऐप में लॉग इन कर आधार नंबर डालना होगा। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करते ही पहचान सत्यापित हो जाएगी। इसके बाद ऐप के माध्यम से लाभार्थी की फोटो मोबाइल कैमरे से ली जाती है और कुछ ही सेकंड में आयुष्मान कार्ड जनरेट हो जाता है। कार्ड बनने के बाद लाभार्थी इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकता है और अस्पताल में दिखाकर कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकता है।
घर बैठे पूरा होगा काम
नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को मिलेगा, जहां जनसेवा केंद्र और शहरों की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और कामकाजी लोग अब बिना किसी परेशानी के घर बैठे अपना कार्ड बना सकेंगे।