दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आज से G20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है, जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर पहुंच चुके हैं। इस बहुप्रतीक्षित समिट में पीएम मोदी तीनों मुख्य सेशनों में शामिल होंगे और वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखेंगे।
तीन मुख्य सेशन, भारत की भूमिका होगी प्रमुख
विदेश मंत्रालय के अनुसार, G20 समिट के तीन सेशन इन विषयों पर आधारित होंगे:
1. समावेशी और सस्टेनेबल आर्थिक विकास – जिसमें “किसी को पीछे न छोड़ने” का सिद्धांत, व्यापार की भूमिका, विकास के लिए वित्तीय सहयोग और कर्ज बोझ को कम करने पर चर्चा होगी।
2. क्लाइमेट रेजिलिएंस और वैश्विक स्थिरता – जिसमें आपदा जोखिम में कमी, जलवायु परिवर्तन के समाधान, ऊर्जा ट्रांजिशन और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं।
3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की न्यायपूर्ण संरचना – जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स, गुणवत्तापूर्ण रोजगार और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इन सभी सेशनों में भारत की सोच, उसके समाधान और ग्लोबल साउथ की वास्तविक समस्याओं को मजबूती से प्रस्तुत करेंगे।
वैश्विक नेताओं से मुलाकात भी एजेंडा में
G20 कार्यक्रमों के साथ-साथ पीएम मोदी कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। उनकी पहली मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, न्यूक्लियर एनर्जी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा शिक्षा, सांस्कृतिक संबंधों और अन्य सहयोगी क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अल्बनीज से मुलाकात को “बहुत अच्छी बातचीत” बताया और कहा कि दोनों देशों की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप पिछले 5 वर्षों में काफी मजबूत हुई है।
IBSA लीडर्स मीटिंग में भी होंगे शामिल
प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में आयोजित इंडिया ब्राज़ील दक्षिण अफ्रीका (IBSA) लीडर्स मीटिंग में भी हिस्सा लेंगे। यह लगातार चौथा G20 समिट है जो ग्लोबल साउथ के किसी देश में हो रहा है, जिससे दक्षिणी देशों की आवाज को और मजबूती मिलती है।
जोहान्सबर्ग में शुरू हो रहा यह G20 समिट न केवल विश्व की आर्थिक और राजनीतिक दिशाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का एक और सशक्त मंच भी है।