आजकल, आपने देश ऐसे कई मामले सुने होंगे जिसमें मिलावटी सामान बेचे और खरीदे जा रहे हैं मिल रहे हैं।ऐसे में हाल ही में एक मामला सामने आया हैं जा हैरान करदेने वाला है। जी हां, अब एमपी के ग्वालियर में रेत की बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया। यहा, रेत बनाई और बेचे जारही थी। यहां नकली रेत के काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए खनिज विभाग ने बड़ी मात्रा पकड़ाई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारीयों ने छापा मारके कार्रवाई की थी। उन्हें देख कर पता चला कि यहां पहाड़ की गिट्टी से रेत बनाई जा रही थी और असली रेत मिलाकर बेचा जा रहा था। अवैध कारोबारियों पर वन और खनिज एक्ट के तहत केस दर्ज किए हैं।
कहा और क्या चल रहा था अवैध कारोबार?
ग्वालियर के घाटीगांव के चैत गांव में नकली रेत का यह कारोबार चल रहा था। यह सूचना मिलने पर वन, राजस्व और पुलिस विभाग ने मिलकर यह छापेमारी की। छापामार कार्रवाई के दौरान जांच में पाया गया कि वन भूमि से अवैध उत्खनन कर पहाड़ से गिट्टी निकाली जा रही थी। गिट्टी और पत्थरों को पानी से धोकर नकली रेत बनाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए है। उनके खिलाफ वन और खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस उनकी तलाश में है।
घनश्याम यादव ने क्या बताया?
जिला माइनिंग प्रभारी घनश्याम यादव ने बताया कि ग्वालियर के घाटीगांव में नकली रेत बनाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर वन, राजस्व और पुलिस विभाग के साथ मिलकर छापामार कार्रवाई की थी। आरोपी मौके पर फरार हो गए थे, मौके से 5 मोटर पंप और करीब 2 दर्जन पाइप जब्त किए गए है। फरार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश की जा रही है। माइनिंग प्रभारी के अनुसार, अप्रैल 2024 से अब तक रेत के अवैध भंडारण, उत्खनन- परिवहन के 222 मामलों में करीब 4.50 करोड़ रुपए वसूले जा चुके हैं।