अमेरिका का अत्याधुनिक और घातक फाइटर जेट F-16C Fighting Falcon मंगलवार सुबह दक्षिणी कैलिफोर्निया के रेगिस्तान में ट्रेनिंग मिशन के दौरान क्रैश हो गया। राहत की बात यह रही कि विमान के नीचे गिरते ही आग का गोला बनने से पहले ही पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गया और पैराशूट की मदद से जमीन पर उतर गया। पायलट को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
कैसे हुआ हादसा?
अमेरिकी एयरफोर्स के अनुसार, यह घटना सुबह 10:45 बजे तब हुई जब F-16 थंडरबर्ड्स टीम का यह विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। अग्निशमन विभाग को ट्रोना इलाके में एयरक्राफ्ट इमरजेंसी का अलर्ट मिला और कुछ ही मिनट बाद पुष्टि हुई कि विमान मोलेजावा रेगिस्तान में क्रैश हो गया।लॉस एंजिलिस से करीब 180 मील दूर।
हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें F-16 बेहद तेजी से नीचे आते दिखता है और जमीन से टकराते ही धमाके के साथ आग के गोले में बदल जाता है। इस दौरान पायलट को सुरक्षित बाहर निकलते देखा जा सकता है।
इस इलाके में पहले भी हो चुके हैं हादसे
यही क्षेत्र 2022 में भी ऐसी त्रासदी का गवाह बन चुका है, जब Navy F/A-18E Super Hornet इसी रेगिस्तान में क्रैश हो गया था और उसमें पायलट की मौत हो गई थी।
अमेरिकी फाइटर जेट्स पर सवाल
पिछले एक दशक में अमेरिका के ‘ब्लू एंजेल्स’ और ‘थंडरबर्ड्स’ स्क्वाड्रन में शामिल दर्जनों लड़ाकू विमान दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। F-16 थंडरबर्ड्स, F-16 फाल्कन, F-22 रैप्टर और A-10 जैसे कई फाइटर जेट विभिन्न घटनाओं में गिर चुके हैं।
नए फाइटर जेट्स की ओर बढ़ रहा है अमेरिका
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद अमेरिकी वायुसेना अपनी पुरानी F-16 फ्लीट को धीरे-धीरे F-35 जैसे उन्नत विमानों से रिप्लेस कर रही है। यह F-16 का ही अत्याधुनिक और अपग्रेडेड संस्करण माना जाता है। साथ ही जानकारी के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन नई F-47 फाइटर जेट सीरीज़ को विकसित करने पर भी काम कर रहा है।
जांच जारी है
एयरफोर्स ने कहा है कि हादसे की पूरी वजहों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया है। फिलहाल प्राथमिक जांच में किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।