दिल्ली के एक आश्रम में चल रहे तथाकथित धार्मिक प्रवचन और शिक्षा के पीछे छिपे बाबा चैतन्यानंद के डर्टी खेल का भंडाफोड़ हो चुका है। बाबा पर लगे यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोपों ने न सिर्फ छात्राओं को हिलाकर रख दिया है, बल्कि पूरे समाज में गुस्से की लहर दौड़ा दी है।
पुलिस अब बाबा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस पूरे गंदे खेल का पर्दाफाश कैसे हुआ?
एक पत्र और एक ईमेल ने किया खेल खत्म
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाबा चैतन्यानंद का काला चेहरा दो महत्वपूर्ण घटनाओं से सामने आया –
28 जुलाई को एक पूर्व छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखा। इसमें साफ आरोप लगाया गया कि बाबा छात्राओं से यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ करते हैं।
1 अगस्त को भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन का ईमेल आया। इसमें लिखा गया कि कई पीड़ित लड़कियों ने उनसे शिकायत की है कि बाबा देर रात व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं और मनमाने फैसले लेकर उन्हें डराते-धमकाते हैं।
यहां तक कि कई पीड़ित छात्राओं के परिवार एयरफोर्स से जुड़े हुए थे, इसलिए मामला और गंभीर माना गया।
गवर्निंग काउंसिल की बैठक और बड़ा खुलासा
इन दोनों शिकायतों के बाद 3 अगस्त को संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने करीब 30 से ज्यादा छात्राओं के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की। इसी बैठक के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए।
छात्राओं ने बताया कि बाबा का दबदबा इतना ज्यादा था कि वे उसके खिलाफ आवाज उठाने से डरती थीं। उनके शैक्षणिक सर्टिफिकेट तक बाबा और उसके सहयोगियों के कब्जे में थे, जिससे उनका करियर दांव पर लग गया था।
एफआईआर और दर्ज बयान
एफआईआर के मुताबिक, अब तक पुलिस 32 छात्राओं के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें से ज्यादातर छात्राएं गरीब परिवारों या फौजी घरानों से आती हैं। उनकी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति कमजोर थी, इसी कारण वे मजबूरी में चुप रहीं।
छात्राओं ने बताया –
- बाबा उन्हें रात में मैसेज करते, “बेबी, आई लव यू, आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।”
- जवाब न देने पर पुराने मैसेज टैग करके रिप्लाई के लिए मजबूर करते।
- मार्च 2025 में नई कार की पूजा के बहाने ऋषिकेश ले गए, जहां अश्लील टिप्पणियां की गईं।
- ऑफिस में बुलाकर वीडियो बनाया और व्हाट्सएप पर भेजा।
- जून 2025 में 35 लड़कियों को ट्रिप पर ले जाकर रात को बुलाते।
- विरोध करने पर परीक्षा देने से रोक दिया और सर्टिफिकेट रोक लिए गए।
महिला स्टाफ की भूमिका पर भी सवाल
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि महिला स्टाफ उन्हें बाबा के खिलाफ चैट या सबूत डिलीट करने के लिए मजबूर करती थी। यह भी कहा गया कि विरोध करने पर उनकी अटेंडेंस घटा दी जाती और मार्क्स काट दिए जाते।
पुलिस का एक्शन प्लान
दिल्ली पुलिस ने अब बाबा के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। फिलहाल वह फरार है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। अधिकारियों ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और जांच के दौरान और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
समाज के लिए चेतावनी
बाबा चैतन्यानंद का मामला केवल एक अपराधी साधु की करतूत नहीं है, बल्कि समाज और सिस्टम के लिए भी चेतावनी है। धार्मिक और शैक्षणिक आड़ में कैसे मासूम छात्राओं का शोषण होता रहा और वे चुप रहने को मजबूर की गईं, यह घटना उसकी सजीव मिसाल है।