बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम, उनकी फिल्में और उनके निभाए किरदार हमेशा याद किए जाएंगे। उनकी अनगिनत हिट फिल्मों में ‘शोले’ का स्थान हमेशा खास रहेगा। 15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई यह फिल्म 2025 में अपने 50 साल पूरे कर चुकी है, लेकिन इसका जादू आज भी लोगों के जेहन में वही का वही है किरदार, संवाद, संगीत और एक-एक फ्रेम आज भी उतना ही लोकप्रिय है। इसी बीच फिल्म के कलाकारों की फीस को लेकर पुरानी चर्चाएं फिर उभर आई हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि ‘शोले’ के कलाकारों ने कितनी फीस ली थी और सबसे ज्यादा पैसा किसे मिला था।
सबसे कम फीस पाने वाले थे रहीम चाचा
‘शोले’ में सबसे कम फीस पाने वाले कलाकार थे दिग्गज अभिनेता ए.के. हंगल, जिन्होंने गांव के बुज़ुर्ग इमाम साहब की भूमिका निभाई थी। रोल छोटा था, लेकिन बेहद यादगार। इस किरदार के लिए उन्हें सिर्फ 8,000 रुपये मिले थे।
लीड एक्टर्स में सबसे कम फीस जया बच्चन को
फिल्म की लीड कलाकारों में जया बच्चन की फीस सबसे कम थी। उन्होंने विधवा राधा का संवेदनशील और शांत किरदार निभाया था। इसके लिए उन्हें 35,000 रुपये का भुगतान किया गया।
हेमा मालिनी बनीं शोले की ‘बसंती’, फीस भी बेहतर
फिल्म की सबसे चुलबुली किरदार बसंती बनीं हेमा मालिनी। उनकी लोकप्रियता उस दौर में बहुत ऊंचाई पर थी, इसलिए उनकी फीस भी अपेक्षाकृत ज्यादा थी उन्हें 75,000 रुपये मिले।
गब्बर सिंह की फीस जानकर चौंक जाएंगे!
फिल्म में गब्बर सिंह बनकर अमजद खान ने इतिहास रच दिया। हालांकि यह उनका पहला बड़ा प्रोजेक्ट था, इसलिए उनकी फीस लीड एक्टर्स से कम थी। उन्हें इस प्रतिष्ठित विलेन किरदार के लिए 50,000 रुपये मिले थे। लेकिन फिल्म की रिलीज के बाद गब्बर सिंह का डायलॉग “कितने आदमी थे?” ने उन्हें अमर बना दिया।
ठाकुर संजीव कुमार
फिल्म के सबसे भावनात्मक और मजबूत किरदार ठाकुर बलदेव सिंह के लिए संजीव कुमार को 1.25 लाख रुपये का भुगतान हुआ था। उनका गंभीर और शक्तिशाली अभिनय आज भी दर्शकों को बांधे रखता है।
अमिताभ बच्चन की फीस
जै का रोल निभाने वाले अमिताभ बच्चन तब भी एक उभरते स्टार थे। उनकी फीस 1 लाख रुपये थी, जो उस दौर के हिसाब से बेहद सम्मानजनक मानी जाती थी। जय-वीरू की जोड़ी आज भी भारत की सबसे यादगार ऑन-स्क्रीन फ्रेंडशिप कही जाती है।
सबसे ज्यादा फीस किसे मिली?
‘शोले’ के सबसे महंगे कलाकार थे धर्मेंद्र उन्होंने फिल्म में वीरू का किरदार निभाया था, जो दर्शकों की पसंद हमेशा से रहा है। इस रोल के लिए धर्मेंद्र को 1.50 लाख रुपये मिले थे और यही फिल्म की सबसे बड़ी फीस थी।
50 साल बाद भी क्यों है चर्चा की गूंज?
क्योंकि ‘शोले’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, भारतीय सिनेमा का मील का पत्थर है। इस फिल्म के हर कलाकार ने अपनी पहचान, अपनी कला और अपने करियर के लिए एक नया इतिहास रचा। फीस भले उस समय कम लगती हो, लेकिन इस फिल्म ने कलाकारों को वह अमरत्व दिया, जो पैसों से कहीं बड़ा है।