डेनमार्क के राजदूत, महामहिम श्री रासमस एबिलगार्ड क्रिस्टेंसन ने सिंधिया कन्या विद्यालय, ग्वालियर का दौरा किया। सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर को भारत में डेनमार्क के राजदूत तथा नेपाल, श्रीलंका, भूटान और मालदीव के अनिवासी राजदूत, महामहिम श्री रासमस एबिलगार्ड क्रिस्टेंसन के स्वागत का गौरव प्राप्त हुआ।
महामहिम, जिन्होंने फरवरी 2025 में अपना कार्यभार संभाला, का विद्यालय में आगमन हुआ। उनके विद्यालय आगमन पर विद्यालय प्रधानाचार्या श्रीमती निशि मिश्रा द्वारा उनका पुष्पगुच्छों से हार्दिक स्वागत किया गया तथा स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इस अवसर पर सुश्री भारती सूद करियर काउंसलर सुश्री उर्वशी पांडे कॉर्डिनेटर के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
यह दौरा वैश्विक जुड़ाव और सहयोग की भावना का प्रतीक रहा। कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक स्वागत समारोह से हुई, जिसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं ने महामहिम को विद्यालय परिसर का विस्तृत भ्रमण कराया। इस दौरान उन्हें विद्यालय के शैक्षणिक ढांचे, सेवा पहल ‘ संकल्प’ एवं ‘ संचय’ तथा रोबोटिक्स लैब संकल्पना से अवगत कराया गया।
महामहिम को विद्यालय की सामाजिक पहल ‘ संकल्प’ के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सेवा को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते हैं। पूरे भ्रमण के दौरान उन्होंने विद्यालय द्वारा समग्र शिक्षा पर दिए जा रहे विशेष जोर में गहरी रुचि दिखाई तथा छात्राओं के साथ सार्थक संवाद किया। उनके सूक्ष्म अवलोकन और प्रेरणादायक विचारों की सभी ने सराहना की।
भ्रमण के उपरांत एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को महामहिम से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछने का अवसर मिला। इन विषयों में डेनमार्क की संस्कृति, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, शिक्षा प्रणाली तथा एक राजदूत के रूप में उनकी भूमिका शामिल रही।
महामहिम श्री रासमस एबिलगार्ड क्रिस्टेंसन का यह दौरा विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रहा। उनके विचारों ने नेतृत्व, संवाद, अखंडता तथा वैश्विक सहयोग के महत्व को और अधिक सुदृढ़ किया। सिंधिया कन्या विद्यालय उनकी गरिमामयी उपस्थिति के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है तथा भविष्य में ऐसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।