आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में धमाकेदार घोषणा करते हुए OpenAI ने भारतीय यूज़र्स के लिए एक खास तोहफ़ा पेश किया है। कंपनी ने अपने मिड-टियर AI सब्सक्रिप्शन ChatGPT Go को भारत में पूरे 12 महीनों के लिए मुफ्त (Free) कर दिया है। अब भारत के सभी यूज़र्स—चाहे नए हों या पुराने—ChatGPT Go प्लान को बिना किसी शुल्क के एक साल तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या है ChatGPT Go प्लान?
ChatGPT Go, OpenAI का ऐसा सब्सक्रिप्शन मॉडल है जो फ्री और Plus प्लान के बीच का विकल्प है। इसका उद्देश्य है यूज़र्स को कम कीमत में प्रीमियम अनुभव देना। यह प्लान आमतौर पर ₹400 प्रति माह की कीमत पर उपलब्ध होता है, लेकिन अब भारतीय यूज़र्स इसे एक साल तक फ्री में इस्तेमाल कर सकेंगे। इस प्लान में यूज़र्स को तेज़ रिस्पॉन्स, ज़्यादा मैसेज लिमिट, और नए GPT-5 मॉडल की पूरी ताकत मिलती है।
ChatGPT Go में क्या-क्या कर सकते हैं यूज़र्स
- इमेज जेनरेट और एडिट कर सकते हैं।
- PDF, डॉक्यूमेंट और स्प्रेडशीट अपलोड करके उनका AI विश्लेषण कर सकते हैं।
- लंबी बातचीत और बड़े डेटा सेट संभाल सकते हैं।
- स्मार्ट और कॉन्टेक्स्ट-अवेयर जवाब पा सकते हैं।
- इनबिल्ट मेमोरी फीचर से व्यक्तिगत अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
फ्री ChatGPT Go प्लान कैसे एक्टिव करें
1. ChatGPT की वेबसाइट या मोबाइल ऐप खोलें।
2. अपने अकाउंट में लॉगिन करें या नया अकाउंट बनाएँ (Google से भी साइन इन कर सकते हैं)।
3. प्रोफाइल आइकन → Settings → Subscription पर जाएँ।
4. जब India Promotion दिखे, तो ChatGPT Go प्लान सेलेक्ट करें।
5. पेमेंट मेथड (Debit/Credit Card या UPI) जोड़ें।
6. अगर मांगा जाए, तो ईमेल या OTP वेरिफाई करें।
जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, आपका अकाउंट 12 महीनों के लिए फ्री Go प्लान में अपग्रेड हो जाएगा।
ChatGPT Go की खास खूबियाँ
- GPT-5 एक्सेस और तेज़ प्रतिक्रिया गति।
- ज्यादा मैसेज और फाइल लिमिट।
- इमेज जनरेशन और फाइल अपलोड सपोर्ट।
- पर्सनलाइज्ड मेमोरी फीचर।
- हाई डिमांड टाइम पर भी प्रायोरिटी एक्सेस।
ChatGPT Go में क्या शामिल नहीं है
- OpenAI API एक्सेस (यह अब भी पेड सर्विस है)।
- GPT-4 Turbo या GPT-4o जैसे पुराने मॉडल।
- थर्ड-पार्टी कनेक्टर्स और Sora वीडियो जनरेशन टूल।
- GPT-5 के “Thinking Mode” का मैन्युअल कंट्रोल।
फ्री होने के बावजूद पेमेंट मेथड क्यों ज़रूरी है?
OpenAI ने फ्री ChatGPT Go के लिए भी पेमेंट डिटेल्स माँगी हैं, इसके दो मुख्य कारण हैं:
1. वेरिफिकेशन: यूज़र की पहचान और क्षेत्र की पुष्टि करने के लिए।
2. ऑटोमेटिक बिलिंग: फ्री पीरियड खत्म होने के बाद बिलिंग को आसान बनाने के लिए।
भारत को क्यों चुना गया यह ऑफर देने के लिए
OpenAI के मुताबिक, भारत अब उसका दूसरा सबसे बड़ा यूज़र बेस बन चुका है, जो अमेरिका के बाद आता है। भारतीय डेवलपर्स, छात्र, और स्टार्टअप्स ने ChatGPT को सीखने, कोडिंग, रिसर्च और बिज़नेस ऑटोमेशन के लिए बड़े पैमाने पर अपनाया है।
OpenAI ने कहा कि यह ऑफर भारतीय यूज़र्स की “क्रिएटिविटी और उत्साह” का सम्मान है और देश में AI लिटरेसी और इनोवेशन मिशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।