चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है। आयोग ने बताया कि अब वोटर वेरिफिकेशन 4 दिसंबर की जगह 11 दिसंबर 2025 तक चलेगा। वहीं पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को जारी होगी, जो पहले 9 दिसंबर को आनी थी। फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
SIR के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, गलतियां सुधारी जाएंगी और डुप्लीकेट एंट्री हटाई जाएगी। यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू हुई है। खास बात यह है कि अगले साल चुनाव वाले बंगाल में SIR होगा, लेकिन असम में नहीं होगा, क्योंकि वहां नागरिकता से जुड़े नियम अलग हैं।
कौन-कौन से राज्यों में SIR चल रहा है?
अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
7 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब SIR को आसान भाषा में समझें के लिए।
1. SIR क्या है?
यह चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। इसमें नए 18+ मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है या जो शिफ्ट हो गए हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं और गलत जानकारियों को सुधारते हैं।
2. पहले कहां हुआ?
पहला चरण बिहार में हुआ और वहां की फाइनल वोटर लिस्ट में 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
3. प्रक्रिया कौन कर रहा है?
12 राज्यों में करीब 51 करोड़ मतदाता हैं। इस प्रक्रिया में 5.33 लाख BLO और राजनीतिक दलों की ओर से 7 लाख से ज्यादा BLA लगाए गए हैं।
4. इन राज्यों में विधानसभा चुनाव कब?
यह जानकारी चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से जारी करता है। संबंधित राज्यों में SIR पूरा होने के बाद अगला अपडेट जारी होगा।
5. SIR में वोटर को क्या करना होगा?
BLO/BLA घर-घर जाकर फॉर्म देंगे। अगर वोटर की एंट्री दो जगह है तो एक जगह से कटानी होगी। अगर नाम लिस्ट में नहीं है तो फॉर्म भरकर दस्तावेज देने होंगे। अगर नाम/पता गलत है तो सुधार कराया जा सकता है।
6. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य हैं?
SIR के लिए मान्य दस्तावेज आधार कार्ड, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, पेंशनर पहचान पत्र, सरकारी विभाग का पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, NRC में नाम, परिवार रजिस्टर, जमीन/मकान आवंटन पत्र जरूरी है।
7. SIR का मकसद क्या है?
2004 के बाद यह प्रक्रिया नहीं हुई थी, इसलिए 21 साल में वोटर लिस्ट में भारी बदलाव जरूरी हैं। जिसमें मुख्य उद्देश्य है माइग्रेशन के कारण डुप्लीकेट एंट्री हटाना, मृत व्यक्तियों के नाम हटाना, विदेशी नागरिकों के गलत नाम हटाना, योग्य मतदाता का नाम न छूटे, और अयोग्य मतदाता शामिल न हो।