RBI ने 5 दिसंबर 2025 को मौद्रिक नीति बैठक के बाद देश में ब्याज दरों में बड़ी राहत का ऐलान किया। रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 5.25% कर दिया गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश में महंगाई फिलहाल 2.2% पर है, जो कई सालों में सबसे निचला स्तर है। वहीं, वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में GDP ग्रोथ 8% रही है, जिसे उन्होंने ‘गोल्डीलॉक्स स्थिति’ बताया, जहां महंगाई कम और विकास मजबूत हो। यह बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए EMI में राहत लाने वाला साबित होगा।
GDP ग्रोथ अनुमान में बड़ा उछाल
भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को देखते हुए RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 का ग्रोथ अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। तिमाही ग्रोथ अनुमानों में भी सुधार दर्ज किया गया है। अक्टूबर–दिसंबर 2025 के लिए अनुमान 7.0% कर दिया गया, जो पहले 6.4% था। वहीं जनवरी–मार्च 2026 के लिए ग्रोथ 6.2% से बढ़ाकर 6.5% कर दी गई। आने वाले वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में भी अनुमान बढ़ाए गए हैं। RBI का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत रफ्तार पकड़ रही है और निकट भविष्य में भी यह गति बनी रह सकती है।
उपभोक्ताओं को राहत
RBI ने इस बार महंगाई अनुमानों में बड़ा सुधार किया है। चालू वित्त वर्ष की औसत CPI महंगाई को 2.6% से घटाकर 2.0% कर दिया गया है। तिमाही स्तर पर भी महंगाई में कमी का अनुमान लगाया गया है। इसका मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं के दामों में नरमी, सप्लाई चेन में सुधार और वैश्विक स्थिरता बताया गया। यह संकेत है कि नीति दरों में कटौती की गुंजाइश आगे भी खुली रहेगी और कीमतें नियंत्रण में रह सकती हैं।
बैंकिंग सिस्टम में नकदी बढ़ाने के दो बड़े कदम
तरलता की कमी दूर करने के लिए RBI इस महीने दो महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। पहला, 1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की OMO खरीद के जरिए सीधे सिस्टम में नकदी डालना। दूसरा, 5 अरब डॉलर का 3 साल के लिए USD/INR बाय-सेल स्वैप करना, जिससे लगभग 42,000 करोड़ रुपये की लंबी अवधि की तरलता मिलेगी। इस पहल से बैंक बेहतर तरीके से कर्ज दे पाएंगे और बाजार में पैसा उपलब्ध रहेगा।
1 जनवरी से स्पेशल कैंपेन
ग्राहक सेवा को मजबूत बनाने के लिए RBI ने 1 जनवरी 2026 से दो महीने का विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस दौरान एक महीने से अधिक पुरानी सभी शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। RBI ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इस अभियान में पूरा सहयोग करने की अपील की है, ताकि बैंकिंग सेवाएँ और अधिक पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित बन सकें।