आस्था और सेवा का संगम बनने जा रहा है ग्वालियर का परमार्थ आश्रम, जहां 2 नवंबर से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ होगा। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन का समापन 9 नवंबर को एक विशाल भंडारे और 21 गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह के साथ किया जाएगा। इस आयोजन की जानकारी शुक्रवार को परमार्थ निकेतन के संत एवं संस्था के अध्यक्ष कन्हैयालाल आनंद ने एक पत्रकार वार्ता में दी।
आध्यात्मिक वातावरण में गूंजेगी श्रीमद् भागवत कथा
संत कन्हैयालाल आनंद ने बताया कि इस वर्ष भी परमार्थ आश्रम, नीमचंदोहा बेला की बावड़ी के पास आयोजित होने वाले श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में पूरे क्षेत्र से श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रहेगी। कथा का शुभारंभ 2 नवंबर रविवार को प्रातः 9:00 बजे होगा। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा महाराज बाड़ा हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर गोल पहाड़िया पुलिस चौकी तक पहुंचेगी। वहां से कथा स्थल, परमार्थ आश्रम के लिए बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को ले जाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कथा सप्ताह के दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य पंडित मनीष कृष्ण शास्त्री श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन भक्ति, भजन और प्रवचन से भरा माहौल रहेगा। कथा का समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और सायंकाल 4 बजे से 7 बजे तक निर्धारित किया गया है।
9 नवंबर को 21 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह
कथा समापन दिवस 9 नवंबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन परमार्थ आश्रम द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में 21 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। संत कन्हैयालाल आनंद ने बताया कि यह विवाह समारोह पूरी तरह नि:शुल्क होगा। प्रत्येक कन्या को गृहस्थी का पूरा सामान, वस्त्र, बिस्तर, बर्तन और अन्य आवश्यक वस्तुएं देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की सरकारी या प्रशासनिक सहायता नहीं ली जाती है। पूरा आयोजन समिति के सहयोग, श्रद्धालुओं के दान और समाजसेवियों की मदद से सम्पन्न होता है।
समिति का वर्षों पुराना परंपरागत आयोजन
परमार्थ निकेतन संस्था पिछले कई वर्षों से इस तरह के सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों का संचालन करती आ रही है। संस्था के सदस्यों का मानना है कि भागवत कथा केवल भक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी सर्वोत्तम मार्ग है। संत आनंद ने कहा — “हमारा उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।”
पत्रकार वार्ता में रहे कई गणमान्य उपस्थित
पत्रकार वार्ता के दौरान समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें आचार्य पंडित मनीष कृष्ण शास्त्री, मुरारीलाल मित्तल, दयालीराम बघेल, एम.एस. परिहार, राकेश सिंघल और राजू पंडित सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज से सहयोग और सहभागिता की अपील की।
संवेदनशील संदेश
संस्था का यह आयोजन केवल धार्मिक कथा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा और सद्भाव का संदेश भी देता है। गरीब कन्याओं के विवाह के माध्यम से परमार्थ निकेतन ने यह सिद्ध किया है कि धर्म तभी सार्थक है जब वह समाज के उत्थान में योगदान दे।
9 नवंबर को होने वाले इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं और समाजसेवियों के शामिल होने की उम्मीद है। कथा और विवाह समारोह दोनों ही ग्वालियर के सामाजिक जीवन में एक मिसाल के रूप में याद किए जाएंगे।