ईरान और अमेरिका के बीच अभी हाल ही में एक बड़ी डील हुई है। जिससे दोनों देशों को युद्ध में विराम मिलने वाला है। ईरान और अमेरिका के बीच 2 सप्ताह का सीजफायर पर हस्ताक्षर हुए है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है की सीजफायर के दस्तावेज की शर्तों में अंग्रेजी वर्जन से गायब हुई फारसी वर्जन में लिखी गई एक मांग।
दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का सीजफायर लग गया है जिससे पूरी दुनिया में तहलका मच गया है। लेकिन जो सीजफायर से जुड़े दस्तावेज है वह फारसी भाषा में तैयार किए गए, उसमें से एक खास शर्त शामिल थी और जब अंग्रेजी वर्जन में उन दस्तावेजों को कन्वर्ट किया गया, तब अंग्रेजी भाषा में वह शर्त नहीं मिली और वह शर्त ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी थी खासकर ‘यूरेनियम संवर्धन’ से।
अब चिंता की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बड़े समझौते में इतनी बड़ी गलती कैसे हुई, क्या यह सोची- समझी साजिश थी या फिर बड़े प्लान का संकट, कुछ भी हो सकता हैं फिलहाल यह बड़ा संवेदनशील मामला है क्योंकि इस शर्त से यूरेनियम तैयार किया जाता है।
अमेरिका और ईरान के दो सप्ताह के फीस फायर से जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा से एक वीडियो सामने आया है जिसमें लोग बड़ी संख्या में जश्न मना रहे हैं भारत माता का झंडा लहराते हुए लोग जश्न मना रहे हैं।
#WATCH जम्मू-कश्मीर: US-इज़राइल-ईरान संघर्ष में 15 दिन के सीज़फ़ायर की घोषणा के बाद बांदीपुरा में बड़ी संख्या में लोग जश्न मना रहे हैं। pic.twitter.com/wo9LISOZO9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 8, 2026
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा था ” हम दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे”। इस जवाब में ईरान के एक दूतावास ने उस पोस्ट को रिपोस्ट कर लिखा “आपने हमें सिखाया और हमने उसका पालन किया। ”
You taught us, and we carried it out. https://t.co/J22nmJH3BR
— Iran in India (@Iran_in_India) April 8, 2026
एक अन्य पोस्ट में साउथ अफ्रीका में रहने वाला ईरानी दूतावास ने कहा है कि “इतिहास में इसे याद रखा जाए-
हमने कभी युद्ध शुरू नहीं किया।
हमने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया।
हमने बच्चों की हत्या नहीं की।
हमने अपनी मातृभूमि की रक्षा की, जो हमारे लिए हमारे जीवन से भी अधिक प्रिय है।”
Let it be remembered in history
— Iran Embassy SA (@IraninSA) April 8, 2026
We have never started a war.
We have never invaded anyone.
We have not killed children.
We have protected our homeland, dearer to us than our lives.