बरखेड़ा गिर्द जन विश्वास शिविर पहुंचे सिंधिया, ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर दिए निर्देश

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गुना जिले के बरखेड़ा गिर्द जन विश्वास शिविर में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गुना प्रवास के दूसरे दिन शिविर में पहुंचे सिंधिया ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं और आवश्यकताएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए।

शिविर में बीपीएल कार्ड जारी करने और केवाईसी पंजीयन सहित कई प्रकरण प्रस्तुत किए गए। इनमें से कुछ मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। केंद्रीय मंत्री ने प्रशासन से शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

विषय सूची

  • बरखेड़ा गिर्द जन विश्वास शिविर में ग्रामीणों से संवाद
  • आवेदनों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर जोर
  • पंजीयन से समाधान तक ट्रैक हो प्रत्येक आवेदन
  • पाइपलाइन से जुड़ा मामला भी सामने आया
  • प्रशासन जनता के बीच पहुंचकर सुने समस्याएं
  • राशन दुकान का निरीक्षण
  • बायोमेट्रिक राशन वितरण की जानकारी ली
  • गड़बड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की बात
  • जनता के लिए क्या मायने

बरखेड़ा गिर्द जन विश्वास शिविर में ग्रामीणों से संवाद

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। लोगों ने उनके सामने सरकारी योजनाओं, राशन, बीपीएल कार्ड, केवाईसी और स्थानीय सुविधाओं से संबंधित मामले रखे।

सिंधिया ने अधिकारियों को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को केवल दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उसके निराकरण की प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी की जाए।

आवेदनों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन से कहा कि जनसुनवाई की तरह मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में आने वाले आवेदनों को भी ऑनलाइन दर्ज किया जाना चाहिए। इसके लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार कर प्रत्येक आवेदन की स्थिति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

उन्होंने कहा कि आवेदन के पंजीयन से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध रहने से पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे आवेदक को यह जानकारी भी मिल सकेगी कि उसकी समस्या पर क्या कार्रवाई हुई और मामला किस स्तर पर लंबित है।

पंजीयन से समाधान तक ट्रैक हो प्रत्येक आवेदन

सिंधिया के अनुसार ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदन के तीन प्रमुख चरणों को शामिल किया जाना चाहिए:

  • आवेदन का पंजीयन
  • संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई और समाधान
  • निराकरण के बाद आवेदक को जानकारी और फॉलो-अप

उन्होंने जिला प्रशासन से इस व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से लागू करने का आग्रह किया। सिंधिया ने कहा कि आवेदक को उसके प्रकरण के निराकरण की जानकारी उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

गुना संसदीय क्षेत्र की सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसुनवाई के दौरान निर्धारित समय में लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं। सिंधिया ने इसी तरह मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के आवेदनों के लिए भी पंजीयन, समाधान और फॉलो-अप की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक करने की व्यवस्था विकसित करने की बात कही।

पाइपलाइन से जुड़ा मामला भी सामने आया

शिविर में स्थानीय निवासी विजय ने अपने क्षेत्र की पाइपलाइन से जुड़ी जानकारी केंद्रीय मंत्री के सामने रखी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है और ट्यूबवेल तक पाइपलाइन पहुंचाने के लिए आवश्यक स्वीकृति भी मिल गई है।

इस मामले में संबंधित अधिकारियों से आगे की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

प्रशासन जनता के बीच पहुंचकर सुने समस्याएं

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रत्येक शुक्रवार आयोजित होने वाला मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम जनता और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का माध्यम बन रहा है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शासन और प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी बात सुने तथा समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाए।

सिंधिया ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि पहले जनता को मंत्री और प्रशासन के चक्कर लगाने पड़ते थे। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब मंत्री और प्रशासन जनता के बीच पहुंचकर उनकी कठिनाइयों का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।

बरखेड़ा गिर्द में राशन दुकान का निरीक्षण

जन विश्वास शिविर में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बरखेड़ा गिर्द स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां राशन वितरण की व्यवस्था, पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले खाद्यान्न और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें राशन वितरण की बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण आधारित व्यवस्था के बारे में बताया। इसके तहत हितग्राही की पहचान की पुष्टि के बाद निर्धारित मात्रा में राशन वितरित किया जाता है।

बायोमेट्रिक राशन वितरण की जानकारी ली

सिंधिया ने राशन दुकान पर उपलब्ध स्टॉक, वितरण प्रक्रिया और हितग्राहियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र परिवारों को समय पर और निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिले।

उन्होंने राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और हितग्राहियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया। साथ ही वितरण से जुड़े रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए।

गड़बड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की बात

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति गरीबों के अधिकार का राशन रोकने या वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी करने और अनियमितता की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराने को कहा। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

जनता के लिए क्या मायने

मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में प्राप्त आवेदनों का ऑनलाइन डेटाबेस बनने से लोगों को अपनी शिकायतों की स्थिति जानने में आसानी हो सकती है। इससे यह भी पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित विभाग ने आवेदन पर कब और क्या कार्रवाई की।

राशन दुकान के निरीक्षण और वितरण प्रणाली की निगरानी से पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है। अब जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था को लागू किए जाने और आवेदनों के समयबद्ध समाधान पर नजर रहेगी।