मानसून ने पकड़ी रफ्तार: कई राज्यों में झमाझम बारिश, कहीं राहत तो कहीं बाढ़ का खतरा

Picture of By: Sandhya Samachar Team

By: Sandhya Samachar Team

Share

IMD ने अगस्त के पहले-दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का जताया अनुमान; मध्य भारत में खेती को मिलेगी राहत, पहाड़ी राज्यों में अलर्ट जारी

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026। देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जुलाई के दौरान कई राज्यों में कमजोर पड़े मानसून के बाद अब मौसम ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area), सक्रिय मानसून ट्रफ और ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो रही हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले और दूसरे सप्ताह में होने वाली बारिश उन क्षेत्रों में भी वर्षा की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है, जहां अब तक मानसून सामान्य से कमजोर रहा है।

इन राज्यों में तेज बारिश की संभावना

मौजूदा मौसम प्रणाली का सबसे अधिक असर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है।

विशेष रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल, पूर्वी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई थी। अब सक्रिय मानसून से इन क्षेत्रों में कृषि और जल स्रोतों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का खतरा

जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश राहत लेकर आई है, वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

कई स्थानों पर नदियां उफान पर हैं, सड़क संपर्क बाधित हुआ है और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

किसानों के लिए राहत भी, चुनौती भी

सक्रिय मानसून का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। सोयाबीन, धान, मक्का, कपास और दलहन जैसी खरीफ फसलों के लिए समय पर हुई बारिश फायदेमंद मानी जा रही है।

हालांकि, जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा हो रही है वहां खेतों में जलभराव, फसल गिरने और जड़ों के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।

कृषि विशेषज्ञ किसानों को अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने, फसलों की नियमित निगरानी करने और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार प्रबंधन अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

शहरों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या

लगातार हो रही बारिश का असर बड़े शहरों में भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली, भोपाल, जयपुर, पटना और लखनऊ सहित कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं।

स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, राहत दलों को तैनात रखने और आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।

अगस्त में मानसून रहेगा सक्रिय

IMD के अनुसार अगस्त महीने में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए निम्न दबाव क्षेत्रों और अनुकूल मानसून ट्रफ के कारण मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है।

हालांकि मौसम विभाग ने भारी और अति भारी वर्षा वाले इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी है।

आधिकारिक मौसम अपडेट पर रखें नजर

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बारिश की कमी वाले क्षेत्रों के लिए यह सक्रिय मानसून राहत लेकर आ सकता है, वहीं अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में सावधानी बरतना जरूरी है।

किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा या कृषि संबंधी निर्णय लेने से पहले भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।